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फसल की खेती (Crop Cultivation)

अधिक उपज देने वाली बासमती चावल की किस्में

12 दिसम्बर 2022, भोपाल: अधिक उपज देने वाली बासमती चावल की किस्में – लघु अवधि याने कम दिन में पकने वाली  किस्मों (SDV) की खेती धान की खरीफ कटाई और रबी में  गेहूं की बुवाई के बीच एक विस्तारित खिड़की प्रदान करती है, जिससे चावल के किसानों को इन-सीटू प्रबंधन और अतिरिक्त धान के पुआल को हटाने के लिए पर्याप्त समय मिलता है। धान जैसी स्व-परागित फसल में ऊंचाई के लिए विविधता संबंधी विशेषता निहित है। बौनी किस्मों में लंबी किस्मों की तुलना में पुआल कम निकलता  है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (SAU) ने पूसा बासमती 1509 (115 दिन), पूसा बासमती 1692 (115 दिन) और पूसा बासमती 1847 (125 दिन) सहित उच्च उपज वाली कम अवधि वाली बासमती चावल की किस्में विकसित की हैं। 

गैर-बासमती श्रेणी, सुगंधित चावल की किस्मों में पीआर 126 (120-125 दिन), पूसा सुगंध 5 (125 दिन) और पूसा 1612 (120 दिन) शामिल हैं। जल्दी पकने वाली ये किस्में लगभग 20-25 दिन पहले पक जाती हैं जिससे किसानों को पराली प्रबंधन और गेहूं की बुवाई के लिए खेतों की तैयारी करने में मदद मिलती है।

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