सोयाबीन में दाने भरने लगे तो न होने दें पानी की कमी, ICAR-NSRI ने बताया सिंचाई का सही तरीका
04 सितंबर 2026, नई दिल्ली: सोयाबीन में दाने भरने लगे तो न होने दें पानी की कमी, ICAR-NSRI ने बताया सिंचाई का सही तरीका – सोयाबीन की खेती वाले क्षेत्रों में इस समय फसल दाने भरने की अवस्था में पहुंच चुकी है। फसल की मौजूदा स्थिति और कीट-रोगों के प्रकोप को देखते हुए ICAR-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICAR-NSRI), इंदौर ने 31 अगस्त से 6 सितंबर 2026 के लिए किसानों के लिए साप्ताहिक सलाह जारी की है। इसमें दाने भरने की अवस्था में फसल की सिंचाई और फफूंदजनित रोगों से सुरक्षा के उपाय बताए गए हैं।
दाने भरने की अवस्था में सिंचाई की सलाह
सोयाबीन में फली में दाने भरने की अवस्था एक महत्वपूर्ण अवस्था है। लंबे समय तक सूखे की स्थिति रहने से इस अवस्था में उपज प्रभावित हो सकती है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि यदि सूखे की स्थिति है तो भूमि में दरारें पड़ने से पहले ही फसल की सिंचाई करें। सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर, ड्रिप, फ्लड इरिगेशन तथा BBF/रिज-फरो से बनी नालियों का उपयोग किया जा सकता है।
फफूंदजनित रोगों से बचाव के लिए छिड़काव
फफूंदजनित रोगों से सुरक्षा के लिए किसानों को फ्लुक्सापायरोक्साड 167 ग्राम/लीटर + पायरोक्लोस्ट्रोबिन 333 ग्राम/लीटर SC का 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से सुरक्षात्मक छिड़काव करने की सलाह दी गई है। संस्थान ने छिड़काव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी इस्तेमाल करने की सलाह दी है। नैपसैक स्प्रेयर से प्रति हेक्टेयर 500 लीटर पानी तथा ट्रैक्टर चालित पावर स्प्रेयर से न्यूनतम 200 लीटर पानी प्रति हेक्टेयर इस्तेमाल करने को कहा गया है।
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