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फसल की खेती (Crop Cultivation)

DRMR 1165-40: सरसों की खेती के लिए बेस्ट है ये किस्म, 135-140 दिनों में हो जाती है तैयार; जानिए खासियत

16 नवंबर 2025, नई दिल्ली: DRMR 1165-40: सरसों की खेती के लिए बेस्ट है ये किस्म, 135-140 दिनों में हो जाती है तैयार; जानिए खासियत – रबी सीजन में किसान सरसों की खेती में तेजी दिखा रहे हैं। ऐसे में सरसों की किस्म DRMR 1165-40 (रुक्मणी)  किसानों के बीच काफी पसंद की जा रही है। यह सरसों की उन्नत किस्म राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में आसानी से उगाई जा सकती है। इसमें उपज और तेल की मात्रा अधिक होती है, जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिलता है। DRMR 1165-40 कम समय में 135-140 दिनों में तैयार हो जाती है और सिंचाई या बिना सिंचाई दोनों स्थितियों में उत्कृष्ट पैदावार देती है। आइए जानते हैं इसकी खासियत और सही तरीके से खेती करने के टिप्स।

DRMR 1165-40 किस्म की खासियत

DRMR 1165-40 (रुक्मणी) सरसों की किस्म किसानों के लिए उच्च उपज और बेहतर आर्थिक लाभ का बेहतरीन विकल्प है। इसकी उपज 09 से 10 क्विंटल प्रति एकड़ तक होती है, जिससे किसान अच्छी आमदनी कमा सकते हैं। बीजों में तेल की मात्रा लगभग 42 प्रतिशत तक होती है, जो इसे तेल उत्पादन के लिए विशेष रूप से लाभकारी बनाती है। यह फसल 135-140 दिनों में तैयार हो जाती है और सिंचित या असिंचित दोनों स्थितियों में उत्कृष्ट पैदावार देती है, जिससे किसानों को मौसम या सिंचाई की परिस्थितियों की चिंता किए बिना खेती करने का अवसर मिलता है।

राष्ट्रीय बीज निगम से सीधे घर पर मंगाए बीज

खास बात है कि राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) पर सरसों की इस तरह की कई बेहतरीन किस्मों के बीज ऑनलाइन उपलब्ध  है। किसान सीधे NSC की आधिकारिक वेबसाइट से बीज ऑर्डर कर सकते हैं और अपने घर पर प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें आसानी से उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिलेंगे, वो भी घर बैठें।

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सरसों की खेती के टिप्स

सरसों की खेती के लिए दोमट या बलुई मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। बुवाई का सबसे अच्छा समय नवंबर का महीना है, और बीज को पंक्तियों में 45-50 सेमी की दूरी पर बोना चाहिए। फसल की बेहतर वृद्धि और उपज के लिए गोबर की खाद, डीएपी, यूरिया और सल्फर जैसे उर्वरकों का सही मात्रा में प्रयोग करना आवश्यक है। इस तरह खेती करने से किसानों को अधिक पैदावार के साथ बेहतर आर्थिक लाभ मिलता है। साथ ही, कृषि मंत्रालय भी तिलहन फसलों की ओर किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि उनकी आमदनी में सुधार हो।

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