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फसल की खेती (Crop Cultivation)

बायर रैप्सोडी फंगीसाइड: अंगूर में पाउडरी मिल्ड्यू के लिए प्राकृतिक समाधान

07 मार्च 2025, नई दिल्ली: बायर रैप्सोडी फंगीसाइड: अंगूर में पाउडरी मिल्ड्यू के लिए प्राकृतिक समाधान – बायर रैप्सोडी, बायर द्वारा विकसित, एक ऐसा समाधान है जो अंगूर की फसल को पाउडरी मिल्ड्यू (ख़स्ता फफूंदी) जैसी बीमारियों से बचाता है। यह एक जीवाणुरोधी (बैक्टीरिसाइड) और फंगीसाइड के दोहरे कार्य के साथ प्रभावी फसल सुरक्षा प्रदान करता है। यह प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले सूक्ष्मजीवों और पदार्थों से बना है। यह न केवल अंगूर को पाउडरी मिल्ड्यू से बचाता है, बल्कि जड़ों के विकास में भी मदद करता है, टिकाऊ कृषि को समर्थन देता है और लचीले अनुप्रयोग समय प्रदान करता है।

सक्रिय तत्व: बैसिलस सबटिलिस स्ट्रेन KTSB 1015 1.5% AS (फंगीसाइड और बैक्टीरिसाइड)

पैक साइज़: 500 मिली, 1 लीटर

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बायर रैप्सोडी फंगीसाइड अंगूर के लिए अनुशंसित है। यह पाउडरी मिल्ड्यू से सुरक्षा प्रदान करता है।

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यह कैसे काम करता है?

रैप्सोडी एक प्रभावी, निवारक बायोफंगीसाइड है जो अंगूर में पाउडरी मिल्ड्यू जैसी कई महत्वपूर्ण पत्ती और मिट्टी जनित बीमारियों के खिलाफ व्यापक सुरक्षा प्रदान करता है। इसकी एकाधिक और अनोखी कार्य प्रणाली के कारण, यह फंगीसाइड प्रतिरोध के जोखिम को कम करता है। यह किसानों के लिए एक नया उपकरण है जो उन्हें अपनी फसलों को स्वस्थ रखने में मदद करता है, बिना पुराने तरीकों पर अत्यधिक निर्भरता के। यह उत्पादकों के टिकाऊ कृषि लक्ष्यों को पूरा करने में भी मदद करता है।

रैप्सोडी की प्रभावशीलता मुख्य रूप से बैसिलस सबटिलिस स्ट्रेन KTSB 1015 से आती है। यह लाभकारी बैक्टीरिया प्राकृतिक रूप से मिट्टी में पाया जाता है और फंगल बीजाणुओं के अंकुरण को रोकता है, फंगल बीजाणु वृद्धि को रोकता है और फंगस को पौधे की सतह से जुड़ने से रोकता है। यह संपर्क बहु-स्थान (मल्टीसाइट) कार्रवाई करता है, जिसमें कोशिका झिल्ली का विघटन (FRAC 44), प्रेरित प्रतिरोध, और जड़ों का उपनिवेशन शामिल है।

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