धान की रोपाई में न करें ये गलतियां, ICAR ने बताए सही दूरी, खाद और खेत की तैयारी के नियम
31 जुलाई 2026, नई दिल्ली: धान की रोपाई में न करें ये गलतियां, ICAR ने बताए सही दूरी, खाद और खेत की तैयारी के नियम – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सेंट्रल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI), कटक ने “कृषि परामर्श सेवा: जुलाई 2026 के दूसरे पखवाड़े के लिए कृषि सलाह” में रोपाई वाली धान की खेती करने वाले किसानों के लिए मुख्य खेत की तैयारी, पौध रोपाई और उर्वरक प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण सिफारिशें जारी की हैं। संस्थान ने बेहतर फसल वृद्धि और उत्पादन के लिए खेत की तैयारी से लेकर पौध रोपाई तक वैज्ञानिक तरीके अपनाने की सलाह दी है।
एडवाइजरी के अनुसार, मुख्य खेत की तैयारी के लिए 7 से 10 दिन के अंतराल पर दो बार पडलिंग (कीचड़ तैयार करना) और खेत का समतलीकरण करना चाहिए, ताकि फसल का विकास एक समान हो सके। पहली पडलिंग से पहले प्रति एकड़ लगभग 0.8 टन अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद (FYM) डालने की सलाह दी गई है। वहीं, यदि खेत में ढैंचा की हरी खाद लगाई गई है तो उसे प्रारंभिक पडलिंग के समय मिट्टी में मिला देना चाहिए।
रोपाई के समय इन बातों का रखें ध्यान
आईसीएआर के अनुसार, 25 से 30 दिन पुरानी पौध की रोपाई करना उपयुक्त है। उच्च उपज वाली किस्मों (HYV) के लिए 20×15 सेंटीमीटर की दूरी पर उथली रोपाई करें और प्रति स्थान 2 से 3 पौधे लगाएं। वहीं, हाइब्रिड धान में प्रति स्थान 1 से 2 पौधे लगाने की सलाह दी गई है।
बेसल डोज में दें संतुलित उर्वरक
एडवाइजरी में उच्च उपज वाली किस्मों और हाइब्रिड धान के लिए अंतिम पडलिंग के समय अनुशंसित मात्रा में DAP, SSP, MOP और यूरिया का प्रयोग करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, जिंक की कमी वाले क्षेत्रों में जिंक सल्फेट या जिंक EDTA तथा बोरॉन की कमी वाली मिट्टी में बोरेक्स का उपयोग अंतिम भूमि तैयारी के समय करने की सिफारिश की गई है।
रोपाई के बाद खरपतवार नियंत्रण भी जरूरी
आईसीएआर ने बताया कि रोपाई के 5 से 10 दिन के भीतर खरपतवार नियंत्रण के लिए बेंसल्फ्यूरॉन मिथाइल 0.6% + प्रेटिलाक्लोर 6% GR का उपयोग किया जा सकता है। वहीं, खरपतवार निकलने के 8 से 10 दिन बाद या 2-3 पत्ती अवस्था में बिसपाइरिबैक सोडियम 10% SC का अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
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