फसल की खेती (Crop Cultivation)

पंजाब के लिए 2 नई उच्च उत्पादक मूंग की किस्में

10 मार्च 2025, नई दिल्ली: पंजाब के लिए 2 नई उच्च उत्पादक मूंग की किस्में – मूंग (Vigna radiata) पंजाब में एक महत्वपूर्ण दाल फसल है, जिसे इसकी पोषण संबंधी गुणवत्ता और मृदा उर्वरता बढ़ाने की क्षमता के कारण व्यापक रूप से उगाया जाता है। हाल ही में, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना द्वारा विकसित दो नई किस्में किसानों के लिए उच्च उत्पादन और रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ उपलब्ध कराई गई हैं।

1. SML 1827

  • वर्ष: 2020
  • उत्पत्ति केंद्र: पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना
  • उपज क्षमता: 11.60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
  • परिपक्वता अवधि: 61-71 दिन
  • स्वीकृत क्षेत्र: पंजाब
  • उपयुक्त मौसम: वसंत/गर्मी के लिए सिंचित परिस्थितियों में उपयुक्त
  • मुख्य विशेषताएँ:
    • पीला मोज़ेक रोग (YMD), सर्कोस्पोरा लीफ स्पॉट (CLS), बैक्टीरियल लीफ स्पॉट (BLS), एन्थ्रेक्नोज और वेब ब्लाइट (WB) के प्रति प्रतिरोधी।
    • बीन्स थ्रिप्स का कम प्रभाव।

2. ML 1808

  • वर्ष: 2021
  • उत्पत्ति केंद्र: पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना
  • उपज क्षमता: 11-12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
  • परिपक्वता अवधि: 70-75 दिन
  • स्वीकृत क्षेत्र: पंजाब
  • उपयुक्त मौसम: सिंचित परिस्थितियों के लिए उपयुक्त
  • मुख्य विशेषताएँ:
    • पीला मोज़ेक रोग (YMD) के प्रति प्रतिरोधी।
    • मध्यम आकार की फलियों के साथ अच्छी उपज।

SML 1827 और ML 1808 मूंग की दो नवीनतम उच्च उत्पादक किस्में हैं, जो पंजाब के किसानों के लिए बेहतर विकल्प प्रदान करती हैं। इन किस्मों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और सिंचित परिस्थितियों में अनुकूलता, मूंग उत्पादन को अधिक लाभदायक और टिकाऊ बनाने में सहायक होगी।

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