बीटी कपास
बीज के चयन में बीटी किस्म/संकर का चुनाव क्षेत्र एवंं भूमि के अनुरूप करें। बीज अधिकृत विक्रेता से ही खरीदें। बीज क्रय रसीद या बिल आवश्यक रूप से लें। बुवाई समय रिफ्यूजिया कतारें आवश्यक रूप से लगायें। बीटी बीज के
बीज के चयन में बीटी किस्म/संकर का चुनाव क्षेत्र एवंं भूमि के अनुरूप करें। बीज अधिकृत विक्रेता से ही खरीदें। बीज क्रय रसीद या बिल आवश्यक रूप से लें। बुवाई समय रिफ्यूजिया कतारें आवश्यक रूप से लगायें। बीटी बीज के
मध्यप्रदेश में सन् 2002 तक मुख्यत: कपास की गोसीपियम हिरसूटम (40′) गोसीपियम आर्बोरियम (20′) एवं गोसीपियम हर्बेशियम प्रजातियों के साथ लगभग 40 प्रतिशत क्षेत्र में संकर प्रजातियां लगायी जाती थी। भारत शासन द्वारा सन् 2002 से किसानों को जेनेटिकली माडीफाइड
आज भी देश में 70 प्रतिशत से अधिक किसान स्वयं का या दूसरे किसानों द्वारा उत्पादित फसलों को ही बीज के रूप में प्रयोग करते हैं। अब बीजों के महत्च को समझते हुये सरकार के वृहद बीज उत्पादक तंत्र स्थापित
लल्लूलाल सेनी, बम्होरी, सागर समाधान– आप मसाला फसल हल्दी लगाना चाहते हैं. यदि तकनीकी का पालन करके हल्दी लगाई जाये तो अच्छा लाभ मिल सकता है. आप निम्न उपाय करें. बुआई समय चल रहा है. जहां कहीं पानी की सुविधा
प्रबन्धन कृषि में बहनों का बहुत बड़ा योगदान होता है। ऐसा देखा गया है जहाँ बहनें भी खेती में हाथ बँटाती हैं वहाँ उपज बेहतर होती है। ग्रामीण परिवार खरीफ के मौसम की फसलों की तैयारी में जुट गये हैं
विनायक राव, मुलताई समाधान -बाजरा एक कम वर्षा में सफलता से पैदा की जाने वाली फसल है. मुलताई में वर्षा अच्छी होती है परन्तु वहां की भूमि में मूंगफली, ज्वार हो जाती है. बाजरा भी हो जायेगा. आप निम्न उपाय
घनश्याम सेठ, भीमपुर समाधान– सोयाबीन में अंकुरण क्षमता अन्य धान्यों की तुलना में कम होती है. बुआई अगर बिना अंकुरण परीक्षण के की गई हो तो खेत में पौध संख्या अपर्याप्त होती है और उत्पादन कम बैठता है. अंकुरण परीक्षण
जशवंत राठौर, जांजगीर (छ.ग.) समाधान– हमारे क्षेत्र का सुगंधित धान विदेशों तक ख्याति प्राप्त है. इसकी किस्मों में कस्तूरी, हरियाणा बासमती, पूसा बासमती, नई किस्में यामिनी (सी.एस.आर. 30), बासमती (आई.ई.टी. 15391), पूसा सुगंध-2 (पूसा-2504-1-26), पूसा सुगंध-3 (पूसा 2504-1-31), पूसा आर.एच.
सरकार और समाज के स्तर पर पशुधन खासकर गौ संरक्षण के सघन प्रयास किए जा रहे हैं पर यह अभियान तब ही सफल होगा जब गोबर से कम्पोस्ट खाद बड़े पैमाने पर बनने लगेगी। अभी तो पशुपालकों के लिये उन
इंदौर। नाथ बायो-जीन्स (इं.) लि. की बी.टी. कॉटन किस्म कर्ण और द्रोण से किसानों को भरपूर उत्पादन मिल रहा है। मध्यप्रदेश में गत वर्ष उक्त दोनों किस्मों के प्रदर्शन जिन किसानों के यहां किये गये वे सभी इनके परिणामों से