समस्या- सोयाबीन बीज में अंकुरण परीक्षण कैसे किया जाता है इससे क्या लाभ होता है.
घनश्याम सेठ, भीमपुर
समाधान– सोयाबीन में अंकुरण क्षमता अन्य धान्यों की तुलना में कम होती है. बुआई अगर बिना अंकुरण परीक्षण के की गई हो तो खेत में पौध संख्या अपर्याप्त होती है और उत्पादन कम बैठता है. अंकुरण परीक्षण के परिणाम के आधार पर ही बीज की मात्रा तय की जाना चाहिए. परीक्षण की कई विधियां हैं परन्तु सरल विधि इस प्रकार है-
- 100 दाने लें परई (मिट्टी के उथले बर्तन) में रेत खाद का मिश्रण डालकर दाने गिनकर उसमें डालें, हल्का पानी डाल दें.
- अंकुरण होने पर गिनती कर लें कि 100 दानों में से कितने दानों ने अंकुरण दिया इस आधार पर प्रतिशत निकाल कर ही बीज दर तय करें ताकि खेत में पौध संख्या पर्याप्त हो.
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