गांव की मिट्टी की खुशबू विदेश से खींच लाई नलखेड़ा के रामपाल को
गांव की मिट्टी की खुशबू विदेश से खींच लाई नलखेड़ा के रामपाल को महानगरों की बेरुखी ने बढ़ाई खेती के प्रति इस युवक की दिलचस्पी शहर की इस भीड़ में चल तो रहा हूंजेहन में पर गांव का नक्शा रखा
किसानों की सफलता की कहानी (Farmer Success Story) में कृषि और संबद्ध गतिविधियों में किसान की सफलता की कहानी से संबंधित समाचार और लेख हैं। किसानों की सफलता की कहानी (Farmer Success Story) में किसानों से संबंधित कहानियाँ भी शामिल हैं जहाँ उन्होंने खेती की गतिविधियों से उच्च लाभ कमाया है या नियमित कृषि पद्धतियों को बदलकर और कृषि के नए तरीकों को अपनाकर अधिक लाभ कमाया है। इसमें पूरे भारत से और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) जैसे राष्ट्रीय संस्थानों से भी कहानियां शामिल हैं। इसमें गेहूं, सोयाबीन, चना, धान, बासमती जैसी फसलें और आम, सेब, पपीता, अमरूद, बिंदी, भिंडी, टमाटर, प्याज, फूलगोभी, मटर, ड्रैगन फ्रूट, तोरी आदि फल और सब्जियां (बागवानी फसलें) की सफलता की कहानियां शामिल हैं।
गांव की मिट्टी की खुशबू विदेश से खींच लाई नलखेड़ा के रामपाल को महानगरों की बेरुखी ने बढ़ाई खेती के प्रति इस युवक की दिलचस्पी शहर की इस भीड़ में चल तो रहा हूंजेहन में पर गांव का नक्शा रखा
चर्चा में है भेरूलाल की भिंडी 24 जुलाई 2020, इंदौर। चर्चा में है भेरूलाल की भिंडी – लॉकडाउन से बिगड़े हालातों से कोई निराश हो गया, तो किसी ने इसे चुनौती मानकर विपरीत परिस्थिति में भी कुछ कर गुजरने की
इंदौर। धार जिले के ग्राम एहमद के किसान श्री राजेश शांतिलाल पाटीदार (39) की औपचारिक शिक्षा तो दसवीं ही है, लेकिन पिताजी की प्रेरणा से खेती में नई तकनीकों को अपनाकर इसे लाभ का धंधा बनाने में जुटे हुए हैं।
जबलपुर। जबलपुर के किसान अजीत अग्रवाल ग्राम उमरिया पोस्ट खमरिया तहसील पनागर जिला जबलपुर के किसान हैं जिन्होंने 4 एकड़ जमीन में अपनी रुचि के अनुसार बेंगान की फसल लगाई ऐसे में रिलायंस फाउंडेशन के कार्यकर्ता द्वारा अजीत अग्रवाल को बताया
इंदौर। परंपरागत खेती के बजाय यदि नए उन्नत तरीकों से खेती की जाए तो कमाई को और भी बढ़ाया जा सकता है। ऐसी ही पहल ग्राम बलगांव तहसील कसरावद के उन्नत किसान श्री महेश पटेल ने की। उन्होंने पहले छोटे
रीवा। प्रो. एस. के .पाण्डेय अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय रीवा के मार्गदर्शन में एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केन्द्र रीवा के डॉ. ए. के. पाण्डेय के निर्देशन में उद्यान वैज्ञानिक डॉ. राजेश सिंह कृषि विज्ञान केन्द्र रीवा के तकनीकी देखरेख में कृषक