देश की रीढ़ है किसान
देश की रीढ़ है किसान ये वास्तविक और सर्वविदित है कि हमारा देश कृषि प्रधान है। आज भी अधिकांश लोग अपनी जीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। हमारे आर्थिक विकास का सबसे मजबूत स्तम्भ कृषि ही है।मौजूदा दौर में
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंसंपादकीय (Editorial) में भारत में कृषि, कृषि नीतियों, किसानों की प्रतिक्रिया और भारतीय परिदृश्य में इसकी प्रासंगिकता से संबंधित नवीनतम समाचार और लेख शामिल हैं। संपादकीय (Editorial) में अतिथि पोस्ट और आजीविका या ग्रामीण जीवन से संबंधित लेख भी शामिल हैं।
देश की रीढ़ है किसान ये वास्तविक और सर्वविदित है कि हमारा देश कृषि प्रधान है। आज भी अधिकांश लोग अपनी जीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। हमारे आर्थिक विकास का सबसे मजबूत स्तम्भ कृषि ही है।मौजूदा दौर में
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंजैविक खाद में खरपतवार का उपयोग जैविक खेती आदिकाल से चली आ रही है, हमारे पूर्वजों ने अन्न उत्पादन के लिये जैविक खाद का ही उपयोग किया और स्वयं को तथा पर्यावरण को भी स्वच्छ रखने में सक्षम रहे। अनियंत्रित
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंअब नए दौर में मध्यप्रदेश के किसान इस संशोधन से होगा किसान को फायदा इस संशोधन का सीधा फायदा किसान को होगा। अब उसे अपने उत्पादन का ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सकता है। इसके लिए उसे अब मंडियों के
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंपरिवार की तरह मानते थे दफ्तर के स्टाफ को स्व एल के जोशी जी आय एस अफसर श्री ललित कुमार जोशी मध्य प्रदेश में वर्षों पदस्थ रहे । बस्तर, छतरपुर,जबलपुर,भोपाल और दिल्ली में अधिक पदस्थ रहे।जनसंपर्क विभाग में उनका कार्यकाल
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंहर व्यक्ति इम्युनिटी पावर बढ़ाने रोज़ाना पिए आयुर्वेदिक काढ़ा : मुख्यमंत्री श्री चौहान भोपाल : सोमवार, अप्रैल 27, 2020,मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संकट के इस दौर में आवश्यक है कि हर व्यक्ति की रोग
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें– विनोद शाह मप्र में फसल बीमा का असल सच क्या ? किसानों के नाम पर फ़रेब की फ़सलविनोद शाह पूर्व मुख्य मंत्री कमलनाथ कहते थे कि उनके द्धारा प्रधानमंत्री फ़सल बीमा का राज्यांश जमा किया गया, लेकिन केन्द्र का
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंकोरोना वायरस: आयुष मंत्रालय के मुताबिक, “हम सभी जानते हैं कि इलाज से बेहतर रोकथाम है. अभी तक चूंकि कोविड-19 के लिए कोई दवा नहीं है तो अच्छा होगा कि ऐसे एहतियाती कदम उठाए जाए जो इस वक्त में हमारी
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें