धान-गेहूं फसल चक्र या चक्रव्यूह
1 मार्च, 2021, भोपाल । धान-गेहूं फसल चक्र या चक्रव्यूह – खेती में फसल चक्र का महत्व आदिकाल से जाना जा रहा है। उससे मिलने वाले लाभ से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। परंतु लाभकारी खेती की अंधी
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंसंपादकीय (Editorial) में भारत में कृषि, कृषि नीतियों, किसानों की प्रतिक्रिया और भारतीय परिदृश्य में इसकी प्रासंगिकता से संबंधित नवीनतम समाचार और लेख शामिल हैं। संपादकीय (Editorial) में अतिथि पोस्ट और आजीविका या ग्रामीण जीवन से संबंधित लेख भी शामिल हैं।
1 मार्च, 2021, भोपाल । धान-गेहूं फसल चक्र या चक्रव्यूह – खेती में फसल चक्र का महत्व आदिकाल से जाना जा रहा है। उससे मिलने वाले लाभ से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। परंतु लाभकारी खेती की अंधी
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंबजट 2021 : प्रक्रिया-प्रकार डॉ. सुभिता कुमावत, सहायक आचार्य (कृषि अर्थशास्त्र) कृषि महाविद्यालय, फतेहपुर-शेखावाटी, सीकर 22 फरवरी 2021, भोपाल । बुनियादी ढांचे और खेती पर केन्द्रित – वर्ष 1924 से लेकर वर्ष 1999 तक बजट फरवरी के अंतिम कार्यकारी दिन
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंमंत्रिपरिषद की बैठक 15 फरवरी, 2021, रायपुर । गोठान समिति व स्व-सहायता समूह आत्मनिर्भर बनेंगे – मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें15 फरवरी 2021, भोपाल। कृषि का भविष्य : स्मार्ट खेती- कृषि विश्व की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है; संपूर्ण विश्व जीवित रहने के लिए कृषि पर निर्भर करता है। यह इस तथ्य के लिए जिम्मेदार है कि कृषि
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंप्रेरणा 8 फरवरी 2021,भोपाल।किसानों को क्यों नहीं समझा पा रही सरकार ?… आखिर हमारे प्रधानमंत्री और उनकी सरकार कोई 40 दिनों से लगातार समझाते हुए भी हमारे किसानों को क्यों नहीं समझा पा रही है कि उनकी सरकार के बनाए
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें8 फरवरी 2021, भोपाल। जायद में फसलों की देखरेख जरूरी- कृषि में रखरखाव, देखभाल का अपना अलग महत्व है या यूं कहें कि कृषि और इन शब्दों का गहरा संबंध है। जायद की फसलों की बुआई का समय वैसे तो
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें1फ़रवरी 2021 भोपाल, नदी कटान की चपेट में जीवन – हमारे देश में लाखों परिवार ऐसे हैं जिनके आवास या कृषि-भूमि या दोनों नदियों द्वारा भूमि-कटान की प्रक्रिया में छिन चुके हैं। चाहे पश्चिम-बंगाल का मालदा व मुर्शिदाबाद का क्षेत्र
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंसदियों से भारतीय कृषि में पशुपालन के महत्व को कोई नहीं नकार सकता है, कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक ही तो हैं। आमतौर पर देखा गया है कि ग्रीष्मकाल में दुधारू मवेशियों से दुग्धोत्पादन में कमी आ जाती है।
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंकिसान आंदोलन की विद्रूपता पर तीखा व्यंग्य – विजी श्रीवास्तव, मो. : 9425028979 1 फरवरी 2021, भोपाल, खम्बे पे चढ़ा अलोकतंत्र – उसने खंबे पे चढ़के बता दिया कि थोड़ी सी छूट मिल जाए तो हम कितना चढ़ सकते हैं। बद्दिमागी
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें18 जनवरी 2021, भोपाल। अब बारी है चौकसी की- रबी फसलों की बुआई का कार्यक्रम लगभग प्राय: पूरा हो चला है। हाल ही में हुई वर्षा के कारण भूमि में नमी की उपलब्धता का लाभ उठाकर विलम्ब से बोये जाने
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