आईये खरीफ का स्वागत करें
16 जून 2021, भोपाल । आईये खरीफ का स्वागत करें – खेती को लाभकारी धंधा बनाने के लिये कृषि से संबंधित हर वर्ग चौकन्ना एवं प्रयासरत है। क्योंकि सभी इस बात को मानते हैं कि जब तक खेती की लागत
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंसंपादकीय (Editorial) में भारत में कृषि, कृषि नीतियों, किसानों की प्रतिक्रिया और भारतीय परिदृश्य में इसकी प्रासंगिकता से संबंधित नवीनतम समाचार और लेख शामिल हैं। संपादकीय (Editorial) में अतिथि पोस्ट और आजीविका या ग्रामीण जीवन से संबंधित लेख भी शामिल हैं।
16 जून 2021, भोपाल । आईये खरीफ का स्वागत करें – खेती को लाभकारी धंधा बनाने के लिये कृषि से संबंधित हर वर्ग चौकन्ना एवं प्रयासरत है। क्योंकि सभी इस बात को मानते हैं कि जब तक खेती की लागत
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंदीपक चौहान (वैज्ञानिक – कृषि अभियांत्रिकी) , डॉ. मृगेन्द्र सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख) डॉ. अल्पना शर्मा (वैज्ञानिक) ,भागवत प्रसाद पंद्रे (कार्यक्रम सहायक)कृषि विज्ञान केन्द्र, शहडोलज. ने. कृषि विश्व विद्यालय, जबलपुर 3 जून 2021, शहडोल/जबलपुर । जल संरक्षण की कृषि
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें3 जून 2021, भोपाल । खरीफ बुवाई में बीजोपचार जरूरी – बीजोपचार को उत्पादन की प्रथम श्रेणी में रखा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। बीजोपचार के संबंधित सभी वर्ग मानते हंै कि एक बार यदि बुआई के पहले बीज
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें29 मई 2021, खण्डवा । गर्मी में लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें – मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान ने बताया कि प्रतिवर्ष ग्रीष्म काल में अधिक तापमान के कारण संबंधित बीमारियों की संख्या में वृद्धि परिलक्षित
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंअंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस डॉ. एम. के. भार्गव, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, वैज्ञानिक, रा.वि.सिं.कृ.वि.वि.-कृषि विज्ञान केन्द्र शिवपुरी (मप्र)डॉ. कीर्ति गुप्ता, वरिष्ठ अध्यापक एवं परियोजना अनवेशक (जैवविविधता), शा. मॉडल उ. मा. विद्यालय शिवपुरी (मप्र) 25 मई 2021, भोपाल
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें25 मई 2021, भोपाल । बगीचों का रखरखाव गंभीरता से किये जाने की आवश्यकता – पूर्वजों के बनाये बगीचों की रखरखाव के साथ-साथ नये बगीचे बनाने के लिये वर्तमान सबसे उपयुक्त है। सर्वेक्षण बतलाते हैं कि पुराने बगीचों से दोहन
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें22 मई 2021, भोपाल । जैविक खाद में खरपतवार का उपयोग – जैविक खेती आदिकाल से चली आ रही है, हमारे पूर्वजों ने अन्न उत्पादन के लिये जैविक खाद का ही उपयोग किया और स्वयं को तथा पर्यावरण को भी
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें17 मई 2021, भोपाल । हरी खाद हरियाली लाये – हरी खाद का उपयोग कृषि उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से पुराने समय से चला आ रहा है उस समय चूंकि आबादी सीमित थी जोत लम्बी-चौड़ी थी इस कारण बुआई उपरांत
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें7 मई 2021, भोपाल । गर्मियों की जुताई से मिटटी में पानी धारण की क्षमता बढ़ती है – कृषि विज्ञान केन्द्र, टीकमगढ़ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी. एस. किरार एवं वैज्ञानिक डॉ यू.एस. धाकड़ ने बताया कि गहरी
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें4 मई 2021, भोपाल । टिकाऊ खेती के लिए मिट्टी परीक्षण – देश की एक अरब 30 करोड़ की आबादी के लिए भरपेट भोजन हमेशा की तरह चुनौती बनकर सामने है. शहरीकरण भी सुरसा के मुंह की तरह बढ़ता जा
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