लू से बचायें पशुओं को
भारत गर्म जलवायु वाला देश है, लेकिन राजस्थान में विशेषकर गर्मी मौसम बहुत ही कष्ट और पीड़ादायक होता है। अप्रैल में धूल भरी आंधिया, सांय-सांय की आवाज करती गर्म लू की लपटें इस मौसम की खास विशेषता है. इससे सजीव
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भारत गर्म जलवायु वाला देश है, लेकिन राजस्थान में विशेषकर गर्मी मौसम बहुत ही कष्ट और पीड़ादायक होता है। अप्रैल में धूल भरी आंधिया, सांय-सांय की आवाज करती गर्म लू की लपटें इस मौसम की खास विशेषता है. इससे सजीव
हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है तथा यहां पशुपालन साधारणत: कृषि का एक महत्वपूर्ण अंग है जो कि देश की अर्थव्यवस्था में मुख्य भूमिका अदा करता है। दुधारू पशुओं को मौसम की विशेषताओं जैसे गर्मी एवं सर्दी से बचाने
प्रकृति में मौजूद अन्य सस्तन प्राणियों के माफिक बकरी भी एक सस्तन प्राणी है। मादा बकरी 1 पाव से लेकर 3 लीटर प्रतिदिन तक दूध देती है। लेकिन बकरी के दूध का जिक्र होते ही लोग नाक-भौहें सिकुड़ते हैं और
तालाबों का निर्माण ऐसे स्थान पर किया जाये, जहां की मिट्टी में अच्छी उर्वराशक्ति हो और जल का रिसाव न हो। तालाब ऐसे स्थान में निर्मित किये जायें जहां मीठे जल के स्रोत हों तथा उनके क्षतिग्रस्त होने की संभावना
भोपाल। 175 से भी अधिक वर्षों से दुनिया भर के किसानों व कृषि बाजारों में अपनी धाक जमा रहे जॉन डियर ट्रैक्टर ने अपनी मशीनरी श्रेणी में एक और नायाब हीरा प्रस्तुत किया है जो जॉन डियर को अन्य कम्पनियों
थनैला रोग का कारण थनैला रोग गंदे वातावरण में स्वस्थ पशुओं में आसानी से फैलता है । पशु घरों में गंदगी होना मलमूत्र का अधिक समय तक इकटठा रहना, बिना उबाले औजारों का दुग्ध थन में इस्तेमाल करना, गंदे हाथों
बालाघाट। कृषि कार्यों एवं दुग्ध उत्पादन में पशुओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। पशुओं की बीमारी या दुर्घटना में मृत्यु हो जाये तो पशु पालक का भारी नुकसान हो जाता है। पशु पालकों को ऐसी स्थिति में राहत प्रदान करने
उन्नत पशु प्रजनन किस प्रकार संभव है- उन्नत नस्ल के चुने हुए उच्चकोटि के सांड से प्राप्त बछड़े-बछियों में अधिक उत्पादन क्षमता होती है। इसलिये निरंतर विकास हेतु हर समय उन्नत नस्ल के उच्चकोटि के सांड से पशुओं को प्रजनन