मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीक बायोफ्लॉक
मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीक बायोफ्लॉक – मछली की बढ़ती खपत को देखते हुए मत्स्य पालक द्वारा मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नीली क्रांति में एक महत्वपूर्ण कदम है जिसमें अगर हमारे पास तालाब नहीं है, और हम
पशुपालन (Animal Husbandry) से जुड़ी ताज़ा खबरें और विशेषज्ञ जानकारी प्राप्त करें। डेयरी, गाय-भैंस पालन, बकरी पालन, मुर्गीपालन, मत्स्य पालन, पशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, चारा प्रबंधन, नस्ल सुधार, दूध उत्पादन और पशुधन विकास से जुड़े नवीनतम अपडेट पढ़ें।
मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीक बायोफ्लॉक – मछली की बढ़ती खपत को देखते हुए मत्स्य पालक द्वारा मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नीली क्रांति में एक महत्वपूर्ण कदम है जिसमें अगर हमारे पास तालाब नहीं है, और हम
02 अगस्त 2020, रायपुर। पशु चिकित्सा असिस्टेंट सर्जन पद के दस्तावेजों का सत्यापन 5 सितम्बर तक – छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा पशुधन विकास विभाग के अंतर्गत पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के रिक्त 162 पदों के लिए दस्तावेजों का सत्यापन 31 अगस्त से 5 सितम्बर 2020 तक किया
मछलियों की पालन योग्य कुछ प्रजातियां – प्राचीनकाल से ही जलजीवों (जंतु तथा पौधे) का जीवन उत्पादकता एवं बाहुल्यता की दृष्टि से महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसमें विभिन्न प्रकार के जलीय जंतु जैसे मछली, झींगा, सीप तथा जलीय पादप तथा
बारानी क्षेत्र में बकरी पालन अधिक फायदेमंद – कृषि विज्ञान केन्द्र, आबूसर-झुन्झुनूं द्वारा गरीब कल्याण रोजगार अभियान में सूरजगढ़ के केहरपुरा गांव में तीन दिवसीय ”बकरी ईकाई की स्थापना“ विषय पर प्रषिक्षण षिविर शुरू किया गया। केन्द्र के प्रषिक्षण में
प्रोटीन खिलाने से पशुओं में होने वाली इन्फ़र्टिलिटी – पशुओं को उनकी आवश्यकता से कम प्रोटीन खिलाने पर तो इन्फ़र्टिलिटी की समस्या आएगी ही मगर अधिक प्रोटीन खिलाने से भी यह समस्या आएगी। आइये इसके पीछे के विज्ञान को समझें…
स्वच्छ जल में पाली जाने वाली मछलियां एवं प्रबंधन – प्राचीनकाल से ही जलजीवों (जंतु तथा पौधे) का जीवन उत्पादकता एवं बाहुल्यता की दृष्टि से महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसमें विभिन्न प्रकार के जलीय जंतु जैसे मछली, झींगा, सीप तथा
बारानी क्षेत्र में बकरी पालन अधिक फायदेमंद – कृषि विज्ञान केन्द्र, आबूसर-झुन्झुनूं द्वारा गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अन्तर्गत अलसीसर के किसान सेवा केन्द्र में तीन दिवसीय ”बकरी ईकाई की स्थापना“ विषय पर प्रषिक्षण शिविर शुरू किया गया। केन्द्र के
बरसात के मौसम में दुधारू पशुओं का पोषण एवं प्रबंधन बरसात के मौसम में दुधारू पशुओं का पोषण एवं प्रबंधन – पशु पोषण प्रबंधन: पशुपालक भाइयों जैसा कि देखा गया है कि जैसे ही बरसात का मौसम चालू होता है
दुधारू पशुओं के अंडाशय में गांठ पड़ जाना या सिस्टिक ओवरी दुधारू पशुओं के अंडाशय में गांठ पड़ जाना या सिस्टिक ओवरी – वैसे तो सामान्य तौर पर गाय या भैंस लगभग 18 से 25 दिनों के बाद हीट में
स्वास्थ्य और धन के लिए मत्स्यपालन स्वास्थ्य और धन के लिए मत्स्यपालन – मछली प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों में से एक है जो न केवल स्वस्थ है बल्कि स्वादिष्ट भी है। चिकन और मटन जैसे अन्य नॉन-वेज खाद्य पदार्थों के