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पशुपालन (Animal Husbandry)

बारानी क्षेत्र में बकरी पालन अधिक फायदेमंद

बारानी क्षेत्र में बकरी पालन अधिक फायदेमंद – कृषि विज्ञान केन्द्र, आबूसर-झुन्झुनूं द्वारा गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अन्तर्गत अलसीसर के किसान सेवा केन्द्र में तीन दिवसीय ”बकरी ईकाई की स्थापना“ विषय पर प्रषिक्षण शिविर शुरू किया गया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एंव अध्यक्ष डाॅ. दयानन्द ने प्रषिक्षण के महत्व पर प्रकाष डालते हुए बताया कि यह प्रषिक्षण लाॅकडाऊन के दौरान जिले में बाहर से आये प्रवासीयों को घर पर ही स्वरोजगार स्थापित करने हेतु आयोजित किया जा रहा है। उन्होने बताया कि अलसीसर क्षेत्र में कृषकों के पास सिंचाई के साधन कम है तथा खेती की जमीन अधिक है, ऐसी परिस्थिति में बकरी पालन अधिक फायदे का सौदा है।

प्रषिक्षण में नोडल अधिकारी डाॅ. आर.एस.राठौड ने बताया कि इस तीन दिवसीय कौषल प्रषिक्षण में बकरी इकाई की स्थापना हेतु वैज्ञानिक जानकारी जैसे- बकरीयों की उन्नत नस्ले ,नस्ल सुधारना, संतुलित खिलाई-पिलाई, चारागाह प्रबन्ध ,हराचारा, दाना-बांटा, आवास व्यवस्था बकरीयों की बीमारीयां एंव उनका प्राथमिक उपचार आदि की सम्पूर्ण जानकारी दी जायेगी। दलीपसिहं, एल.एस.ए.,बी यू टी आर सी ने बकरी पालन हेतु स्थान का चुनाव, इस क्षेत्र की उपयुक्त नस्लें, बकरी खरीदते समय ध्यान रखने योग्य बातें, मुख्य बीमारियां व टीकाकरण का समय, धर पर प्राथमिक उपचार की विस्तृत जानकारी दी।

कृषि पर्यवेक्षक अरविन्द सिंहाग ने इस समय क्षेत्र मेे टिडडी के आक्रमण की समय पर संबधित विभाग को सूचना देना एंव इसके नियंत्रण की पूरी जानकारी दी । टिडडी के जीवन चक्र के बारे में बताया तथा नुकसान पहुचाने वाली स्टेज की पूर्ण जानकारी दी। सहायक कृषि अधिकारी, अलसीसर विजय सिहं ने कृषि विभाग की जानकारी देते हुए कृषकों से अधिक से अधिक लाभ उठाने की सलाह दी। इस अवसर पर कृषि पर्यवेक्षक श्रीमती गुगना ,संजय यादव, विमल नागर (एस.आर.एफ) रमन मीणा, प्रगतिषील कृषक रवीन्द्र सिह, शंकर लाल, रवीन्द्र सैनी, मनीराम, इन्द्रपाल, फतेह मोहम्मद सहित 35 प्रवासी कामगार उपस्थित थे।

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