नवीन कॉम्पेक्ट भूसा कटाई कम्बाइन हार्वेस्टर मशीन
कम्बाईन मशीन से गेहूं की कटाई में भूसे का नुकसान होता है, कटाई के पश्चात खेत खाली करने के लिये प्राय: किसान खेत में मशीन द्वारा गिराये हुए पौधों के डंठल एवं भूसे को जला देते हैं। जिससे कि पर्यावरण
एग्रीकल्चर मशीन (Agriculture Machinery) में कृषि और कृषि पद्धतियों में उपयोग की जाने वाली मशीनरी से संबंधित नवीनतम समाचार, अपडेट और जानकारी शामिल है। इसमें ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, थ्रेशर, पुडलर, बुआई मशीन, हैप्पी सीडर, टिलर, मोल्ड बोर्ड हल, डिस्क हल, ड्रिप सिंचाई आदि से संबंधित एग्रीकल्चर मशीन (Agriculture Machinery) से जुड़े नवीनतम समाचार, अपडेट और जानकारी शामिल है।
इसमें कृषि और कृषि कार्यों में उपयोग की जाने वाली सभी मशीनों के लिए सभी सूचना समाचार और सब्सिडी की जानकारी शामिल है। इसमें किसानों द्वारा अपनी दैनिक कृषि खेती के लिए जुगाड़ से बनाई गई मशीनों से संबंधित समाचार और लेख भी शामिल हैं।
कम्बाईन मशीन से गेहूं की कटाई में भूसे का नुकसान होता है, कटाई के पश्चात खेत खाली करने के लिये प्राय: किसान खेत में मशीन द्वारा गिराये हुए पौधों के डंठल एवं भूसे को जला देते हैं। जिससे कि पर्यावरण
मोटे अनाज की छिलाई हेतु उपलब्ध पारंपरिक एवं आधुनिक विधियां एवं यंत्र:- मोटे अनाज की छिलाई के पारंपरिक यंत्र: ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यत: मोटे अनाज की छिलाई पारंपरिक पद्धति एवं पारंपरिक यंत्रों (चित्र – 1) की सहायता से की जाती
खरपतवार भोजन एवं प्रकाश के लिए मुख्य फसल से प्रतिस्पर्धा करते हैं अत: फसल के लिए खेत में डाले गए उर्वरक व जल की पूर्ण मात्र फसल के काम नहीं आती है। खरपतवार कीट एवं रोग कारक जीवाणुओं को शरण,
चावल दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसलों में से एक है। वर्ष 2016-17 में भारत में 44.5 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र पर चावल की खेती की गयी, जिससे कुल उत्पादन 1060 लाख टन प्राप्त हुआ। जिसका वैश्विक स्तर पर 28 प्रतिशत
उद्यानिकी फसलों की खेती में उपयोग में आने वाले आधुनिक यंत्रों की इकाई लागत ज्यादा होने से सामान्य कृषक इसका उपयोग करने में असमर्थ हैं। वर्तमान में राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन द्वारा 50 प्रतिशत या अधिकतम रुपये 1.50 लाख तक का
भारत एक कृषि प्रधान देश है। देश की अधिकतर आबादी की जीविका का मुख्य स्त्रोत खेती है। परन्तु खेती में बढ़ती हुई लागत चिंता का विषय है। अधिक लागत लगने के कारण खेती की ओर ग्रामीणों का रूझान कम होने
भोपाल। देश की अग्रणी ट्रैक्टर निर्माता कम्पनी एस्कॉर्ट्स लि. ने अंतर्राष्ट्रीय कृषि प्रदर्शनी आईमा में नये मॉडल एफ टी 6080 प्रो तथा एफ टी 6090 प्रो लांच किये हैं। नये ट्रैक्टर्स अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तकनीक से परिपूर्ण हैं। फार्मट्रेक ट्रैक्टर
नई दिल्ली। भारत की अग्रणी ट्रैक्टर कंपनियों में से एक सोनालीका आईटीएल ने निर्यात में 70 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की है। कंपनी ने इस साल अक्टूबर 2016 में 1248 ट्रैक्टरों का निर्यात किया जबकि पिछले साल इसी अवधि में
(विशेष प्रतिनिधि)भोपाल। भारतीय ट्रैक्टर बाजार के लिये गत वित्तीय वर्ष निराशाजनक रहा। वित्तीय वर्ष 2013-14 में आशातीत प्रदर्शन के बाद हाल ही में समाप्त वित्तीय वर्ष 2014-15 में ट्रैक्टर बाजार के उत्साह पर पानी फिर गया। उम्मीद की जा रही