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पशुपालन (Animal Husbandry)

गोबर से बनने लगा प्राकृतिक पेंट और पुट्टी

6 जून 2022, रायपुर: गोबर से बनने लगा प्राकृतिक पेंट और पुट्टी – छत्तीसगढ़ के  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की गांवों को स्वावलंबी और उत्पादक केन्द्र के रूप में विकसित करने की मंशा तेजी से मूर्तरूप लेने लगी है। सुराजी गांव योजना के तहत गांवों में स्थापित गौठान अब ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं आर्थिक आय का केन्द्र बनते जा रहे हैं। गौठानों में अब तक संचालित विविध प्रकार की आयमूलक गतिविधियों में एक और नया आयाम जुड़ गया है। गौठान से जुड़ी समूह की महिलाएं अब गोबर से प्राकृतिक पेंट और पुट्टी बनाने लगी हैं। इसकी शुरूआत राजधानी रायपुर के समीप स्थित हीरापुर जरवाय गौठान से हुई है। यहां समूह से जुड़ी 22 महिलाएं गोबर से प्राकृतिक पेंट एवं पुट्टी तैयार कर रही है। जिसका उपयोग भवनों के पोताई के लिए भी शुरू हो गया है। गोबर से तैयार यह प्राकृतिक पेंट की कीमत फिलहाल 230 रूपए प्रति लीटर है, जो मार्केट में कम्पनियों के पेंट के मूल्य से लगभग आधी है।

राज्य में प्रथम चरण में गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने के लिए 75 गौठान चयनित किए गए हैं। गौठानों में गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की मशीनें स्थापित किए जाने का काम तेजी से जारी है। कई गौठानों में मशीनें लग चुकी है, जहां शीघ्र ही उत्पादन शुरू होगा। प्रतिदिन 50 हजार लीटर तथा साल भर में 37 लाख 50 हजार लीटर प्राकृतिक पेंट का उत्पादन सम्भावित है।

हीरापुर जरवाय गौठान में गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने के लिए 25 लाख रूपए की मशीनें लगाई गई हैं। समूह की अध्यक्ष श्रीमती धनेश्वरी रात्रे ने बताया कि गाय के गोबर पहले डी वाटर कर्लिंग मशीन में डाला जाता है और पानी मिलाकर घोल तैयार कर उसमें कई अन्य सामग्री मिलाई जाती है, फिर इन सब को हाई स्पीड डिस्पेंसर मशीन में मिक्स किया जाता है। इसके बाद पेंट और पुट्टी तैयार होती है। जरवाय गौठान में लगी मशीन से आठ घंटे में एक हजार लीटर पेंट तैयार किया जा सकता है। इसकी क्वालिटी ब्रांडेड कम्पनी के जैसी है। 50 किलो गोबर से 100 पेंट तैयार होता है।

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समूह की अध्यक्ष ने बताया कि जरवाय गौठान में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने की शुरूआत की गई, इसके बाद समूह की महिलाओं ने गोबर से दीया गमला, मूर्ति, गुलाल बनाने सहित अन्य आयमूलक गतिविधियां शुरू की। गोबर से पेंट बनाने के लिए महिलाओं ने विधिवत प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। उनके द्वारा तैयार किए गए प्राकृतिक पेंट की डिमांड है।

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