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पशुपालन (Animal Husbandry)

पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा

आंख की चोट :– किसी प्रकार की चोट लगने या आंख में धूल के कण, अनाज के छोटे-छोटे टुकड़े, कीड़े या बाल गिर जाने से पशुओं की आंखे दुखने लगती हैं, पलकें सूज जाती हैं और आंखों से पानी जैसा तरल या गाढ़ा पदार्थ निकलने लगता है। आंख को दिन में 3-4 बार बोरिक अम्ल के गर्म लोशन से धोएं। यदि आंख में कोई तिनका आदि पड़ा हो तो उसे निकाल दें। रोगी पशु को ठंडे और छायादार स्थान पर रखें।

नाक से खून गिरना :- नाक में चोट लगने या अन्य कारणों से नथुने से खून बह सकता है। खून रोकने के लिए 5 प्रतिशत फिटकरी का घोल या पानी में सिरका घोल कर रोगी पशु के नथुनों में डालें। पशु का सिर इस अवस्था में रखें कि  घोल गले में न पहुंचने पाए। नाक पर बर्फ या ठंडी पट्टियां लगाकर पशु को ठंडे स्थान पर आराम करने दें।