बीज एवं कीटनाशक विक्रेता संघ ने जीएसटी पर सेमिनार किया

Share

इन्दौर। जीएसटी के कारण अब सारा देश एक सूत्र में बंध गया है। जीएसटी के माध्यम से हमारी कर प्रणाली को सुधारने की कोशिश की गई है। देश के प्रत्येक उपभोक्ता को कहीं न कहीं कोई न कोई टैक्स लगता है लेकिन अब संपूर्ण भारत की पहचान जीएसटी के कारण एक टैक्स वाले देश के रूप में होगी। प्रारंभिक दौर में किसी भी कानून या व्यवस्था को लागू करने में व्यवहारिक कठिनाईयां आती हैं। सत्रह तरह के करों को समाप्त कर सिर्फ एक कर लगाने की यह व्यवस्था देश के आर्थिक विकास दर में भी सहायक होगी। इसमें सभी कार्यवाही ऑनलाईन होने से पूरी पारदर्शिता रहेगी।
राज्य के उपवाणिज्यकर आयुक्त श्री सुदीप गुप्ता ने म.प्र. बीज एवं कीटनाशक विक्रेता संघ द्वारा जाल सभागृह में आयोजित सेमिनार में उक्त दावा करते हुए जीएसटी से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर केंद्रित ‘संशय और समाधानÓ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किए। प्रारंभ में संघ के अध्यक्ष श्री दिलीप बाकलीवाल, महासचिव पारस जैन, दीपक त्रिवेदी, सागर जैन, राजेंद्र नागर, लक्ष्मीनारायण पटेरिया आदि ने अतिथियों की अगवानी की।
इस अवसर पर कर सलाहकार आर.एस.गोयल, सीए मनीष डफरिया एवं राजेश चेलावत ने भी व्यापारियों की समस्याओं और सवालों के संतोषप्रद जवाब दिए। कर सलाहकार आर.एस. गोयल एवं सीए मनीष डफरिया ने जीएसटी की नई व्यवस्थाओं और प्रावधानों की जानकारी दी। प्रारंभ में बीज एवं कीटनाशक विक्रेता संघ की ओर से दिलीप बाकलीवाल, पेस्टीसाईड मैन्यूफेक्चरिंग एसो. की ओर से पी.एस. भाटिया, पी.के. मिश्रा तथा जिला उर्वरक संघ की ओर से महेंद्र पहाडिय़ा, हंसमुख गांधी ने अतिथियों का स्वागत किया।
अंत में आभार माना लक्ष्मीनारायण पटेरिया ने।

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.