जनेकृविवि-आईआईआईटी डीएम करेंगे कृषि क्षेत्र में साझेदारी

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जबलपुर | जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय एवं भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी, अभिकल्पन एवं विनिर्माण संस्थान (आईआईआईटी डीएम) जबलपुर एक साथ मिलकर किसानों के हित में उनके लिए उपयोगी उन्नत कृषि तकनीक एवं उन्नत कृषि यंत्र जैसी तकनीकों पर एक साथ मिलकर कार्य करेंगे। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी, अभिकल्पन एवं विनिर्माण संस्थान जबलपुर के संचालक मंडल के अध्यक्ष डॉ. कोटा हरिनारायण ने कृषि विवि में आयोजित एक संयुक्त बैठक में ये उद्गार व्यक्त किये। कुलपति प्रो. विजय सिंह तोमर ने इस संयुक्त प्रयास को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि यदि प्रशिक्षितजनों का संगठित क्षेत्र तैयार कर सकें तो वह देश के कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन कर सकता है। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी, अभिकल्पन एवं विनिर्माण संस्थान जबलपुर के निदेशक प्रो. एसजी देशमुख ने दोनों संस्थानों के लगभग 25 वैज्ञानिकोंं एवं अधिकारियों के साथ इस बैठक में गहन परामर्श कर एक-दूसरे की उपलब्धियों तथा क्षमताओं के बारे में जानकारी का आदान-प्रदान किया। आईआईआईटी डीएम संस्थान की पूर्व निदेशक श्रीमती प्रो. अपराजिता ओझा ने कहा कि हम संयुक्त रुप से कृषि क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान प्रदान कर सकते हैं। श्रीमती प्रो. ओझा ने बुआई यंत्रों में होने वाली समस्याओं पर खास तब्बजो देने की बात कही। अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. एस.के. राव ने विश्व स्तर पर कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान, शिक्षण और विस्तार कार्यों की जानकारी दी। जनेकृविवि के संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. एस.एस. तोमर ने लगातार बदल रहे मौसम के मद्देनजर अनुसंधान एवं कृषि यंत्रों के पुनिर्निर्माण पर जोर दिया। इस मौके पर संचालक विस्तार सेवाएं डॉ. पी.के. मिश्रा, संचालक शिक्षण डॉ. जी.एस. राजपूत भी थे। बैठक का संचालन डॉ. आर.के. नेमा, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं आभार संचालक विस्तार सेवाएं डॉ. पी.के. मिश्रा ने किया।

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