Fertiliser

उर्वरक (Fertiliser) से संबंधित नवीनतम समाचार। किसानों और कृषि समुदायों के लिए उर्वरक पर नवीनतम समाचार और अपडेट, उर्वरक सब्सिडी, उर्वरक उपलब्धता, उर्वरक खुराक, पोषक तत्व आधारित सब्सिडी, उर्वरक की आवश्यकता, विभिन्न फसलों के लिए उर्वरक की आवश्यकता। यूरिया, डीएपी, एमओपी, एसएसपी, आदि पर उर्वरक सब्सिडी के नवीनतम समाचार और अपडेट।

भारत में उर्वरक (Fertiliser) कंपनियों की सूची, भारत में उपलब्ध उर्वरक उत्पाद, पानी में घुलनशील उर्वरक, तरल उर्वरक, एफसीओ। नैनो यूरिया, इफको नैनो यूरिया, कोरोमंडल नैनो यूरिया पर समाचार।

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खाद बिक्री केन्द्र का शुभारंभ

भोपाल। जनसंपर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया जिले के गोराघाट में गत दिनों खाद बिक्री केन्द्र का शुभारंभ किया। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए सरकार हर

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समस्या- मैं कुल्थी की खेती करना चाहता हूं कौन सी किस्म, कितना खाद कृपया बतायें?

समाधान – कुल्थी आमतौर पर छत्तीसगढ़ क्षेत्र में खरीफ में लगाई जाती है। यह एक ऐसी फसल है तो प्रकृति के अतिरेक को सजह ही सह लेती है तथा कुछ ना कुछ उत्पादन देकर क्षति से बचाती है। इसकी खेती

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जीएसटी का असर फॉस्फेट आधारित उर्वरक के कच्चे माल पर कर ज्यादा

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के 1 जुलाई से लागू होने के बाद इसका असर धीरे-धीरे दिखने लगा है। फॉस्फेट आधारित उर्वरक बनाने में काम आने वाले कच्चे माल पर नई कर व्यवस्था लागू होने से इसकी लागत

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जीएसटी का असर उर्वरक हुए सस्ते

मार्कफेड द्वारा नई दरें घोषित भोपाल। 1 जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होने के बाद रसायनिक उर्वरकों के दाम में कमी हुई है। विभिन्न रसायनिक उर्वरक रु. 5 से रु. 20 तक प्रति बोरी (50 कि.ग्रा.) सस्ते हुए हैं। आधार

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उर्वरक विक्रय के लिये राज्य स्तरीय डीबीटी कार्यकारी समूह का गठन

15 सदस्यीय समूह उर्वरक विक्रय पर रखेगा नजर भोपाल। प्रदेश में एक जून 2017 से उर्वरक विक्रय में डीबीटी योजना लागू की गई है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के पालन में राज्य शासन द्वारा राज्य स्तरीय डीबीटी

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किसान आंदोलन से डिजिटल का डमरू थमा 1 जून से नहीं हुआ उर्वरक वितरण डीबीटी पर

(विशेष प्रतिनिधि) भोपाल। उग्र हुए किसान आंदोलन की आंच में तपी सरकार फूंक-फूंक कर छाछ पी रही है। आत्ममुग्ध शिवराज सरकार प्रशासन के हर मामले के डिजिटलीकरण के प्रयास में बैकफुट पर आ रही है। 1 जून से उर्वरक वितरण

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समस्या- क्या बाजरा हमारे क्षेत्र में पैदा किया जा सकता है. कौन सी जाति कितना बीज, उर्वरक विस्तार से बतलायें.

विनायक राव, मुलताई समाधान -बाजरा एक कम वर्षा में सफलता से पैदा की जाने वाली फसल है. मुलताई में वर्षा अच्छी होती है परन्तु वहां की भूमि में मूंगफली, ज्वार हो जाती है. बाजरा भी हो जायेगा. आप निम्न उपाय

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संपादकीय (Editorial)

ट्रैक्टर चलित बीज-खाद बुआई यंत्र

भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ 142.6 मिलियन हेक्टेयर भूमि पर कृषि होती है। जिसमें 0.697 मिलियन हेक्टेयर पर कदन्न या मोटे अनाज की फसलों का उत्पादन किया जाता है, अधिकतर ये फसलें मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ उड़ीसा, तमिलनाडु, कर्नाटक, आन्ध्रप्रदेश

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मार्कफेड बनाएगा फर्टिलाइजर टेस्टिंग लैब

भोपाल। एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन एसएसपी और अन्य उर्वरकों की गुणवत्ता जाँचने के लिये प्रयोगशाला बनायेगा। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने प्रबंध संचालक मार्कफेड को प्रयोगशाला स्थापित करने का प्रस्ताव विभाग को देने के लिये

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द्विस्तरीय उर्वरक के लिये नया यंत्र

भारत दुनिया में चीन के बाद उर्वरकों का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। यह दुनिया में पोषक तत्वों की खपत का 15.3 प्रतिशत नाइट्रोजन, 14.4 प्रतिशत फास्फोरस और 19 प्रतिशत पोटाश उपयोग करता है। उत्पादन में वृद्धि के लिये कृषि

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