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राज्य कृषि समाचार (State News)

आदिलाबाद में कपास पर सफेद मक्खी और थ्रिप्स का हमला, जानिए दवा व मात्रा


30 अक्टूबर 2026, आदिलाबाद (तेलंगाना): आदिलाबाद में कपास पर सफेद मक्खी और थ्रिप्स का हमला, जानिए दवा व मात्रा – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर की 22 से 28 अक्टूबर की साप्ताहिक एडवाइजरी के अनुसार तेलंगाना के आदिलाबाद जिले में 114 दिन की कपास फसल पर थ्रिप्स, सफेद मक्खी और जैसिड कीट का प्रकोप अधिकांश खेतों में आर्थिक नुकसान के स्तर को पार कर गया है। कुछ खेतों में टिंडे सड़ने की समस्या भी देखी गई है।

संस्थान ने किसानों को सलाह दी है कि चूसक कीटों की निगरानी के लिए खेत में नीले रंग के चिपचिपे ट्रैप लगाएं। सामान्य निगरानी के लिए प्रति हेक्टेयर 20 ट्रैप और थ्रिप्स की खास निगरानी के लिए प्रति हेक्टेयर 100 ट्रैप लगाने को कहा गया है।

किन दवाओं का करें छिड़काव

एडवाइजरी के मुताबिक अगर सामान्य चूसक कीटों का स्तर आर्थिक नुकसान सीमा से ऊपर जाए तो फ्लोनिकामिड 50 डब्ल्यूजी को 0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। सिर्फ थ्रिप्स के लिए फिप्रोनिल 5 प्रतिशत को 2 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में और जैसिड के लिए फ्लोनिकामिड को 0.3 ग्राम प्रति लीटर पानी में इस्तेमाल करने की सलाह है।

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अगर खेत में थ्रिप्स और जैसिड दोनों एक साथ दिख रहे हों तो फिप्रोनिल 15 प्रतिशत और फ्लोनिकामिड 15 प्रतिशत के मिश्रण वाले डब्ल्यूडीजी फॉर्मूलेशन को 0.8 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़का जा सकता है। एडवाइजरी में सफेद मक्खी के लिए अलग से किसी खास दवा का जिक्र नहीं है, बल्कि अन्य चूसक कीटों पर असरदार दवाओं को ही सफेद मक्खी पर भी इस्तेमाल करने को कहा गया है।

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खरपतवार हटाना भी जरूरी

वैज्ञानिकों ने किसानों को पार्थेनियम खरपतवार को खेत से हटाने और तंबाकू स्ट्रीक वायरस से संक्रमित पौधों को उखाड़कर नष्ट करने की सलाह भी दी है, क्योंकि यह वायरस भी कुछ खेतों में फैलते हुए मिला है। छिड़काव सुबह या शाम के समय करने की सलाह दी गई है, जब तेज धूप न हो।

फसल अभी बढ़वार के बाद के चरण में है, इसलिए समय पर कीट नियंत्रण से उत्पादन को होने वाले नुकसान को सीमित रखा जा सकता है। कपास उत्पादक इलाकों में हर साल इस मौसम में चूसक कीटों का प्रकोप बढ़ता है, इसलिए एडवाइजरी के मुताबिक समय पर निगरानी और सही मात्रा में छिड़काव दोनों जरूरी बताए गए हैं।

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