म.प्र. गेहूं उपार्जन की राशि किसानों के खातों में पहुँच रही है; 200 करोड़ रूपए बैंकों को भेजे गए

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

मधय प्रदेश: गेहूं उपार्जन की राशि किसानों के खातों में पहुँच रही है
200 करोड़ रूपए बैंकों को भेजे गए

भोपाल :  मधय प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में चल रहे रबी उपार्जन कार्य में गेहूं की राशि किसानों के खातों में भिजवाए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। उपार्जन की लगभग 200 करोड़ रुपए की राशि बैंकों को भिजवा दी गई है। यह राशि 02-03 दिन में किसानों के खातों में पहुँच जाएगी। गत वर्ष की तुलना में मंडियों के माध्यम से अभी तक दोगुना गेहूं बिका है। श्री चौहान मंत्रालय में मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रबी उपार्जन कार्य की समीक्षा कर रहे थे।

‘सौदा पत्रक’ के माध्यम से 81 प्रतिशत खरीदी

बैठक में बताया गया कि प्रदेश की मंडियों में की गई खरीदी में से 81 प्रतिशत खरीदी इस बार सौदा पत्रक के माध्यम से की गई है। जिसमें व्यापारी किसानों की उपज सीधे उनके घर से खरीद रहे हैं। मंडियों के माध्यम से गत वर्ष की तुलना में अभी तक दोगुना गेहूं खरीदा जा चुका है। मंडियों के माध्यम से गत वर्ष वर्तमान समय तक 1.11 लाख मी.टन गेहूं खरीदा गया था जबकि इस बार अभी तक 2 लाख 14 हजार मी.टन गेहूं खरीदा जा चुका है।

वर्ष 2019-20 के ऋण का 50 प्रतिशत ही काटें

मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि उपार्जन में कुछ जिलों में वर्ष 2019-20 के किसानों के ऋण की राशि के अलावा उनके अन्य ऋण की राशि भी काटी जा रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों के वर्ष 2019-20 के नियमित ऋण की 50 प्रतिशत राशि के अलावा अन्य कोई राशि ना काटी जाए।

प्रदेश में 2 लाख किसानों से 7.80 लाख मी.टन गेहूं समर्थन मूल्य पर उपार्जित किया गया है। भोपाल और उज्जैन में भी खरीदी प्रारंभ हो गई है। इंदौर में बाद में होगी ।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

One thought on “म.प्र. गेहूं उपार्जन की राशि किसानों के खातों में पहुँच रही है; 200 करोड़ रूपए बैंकों को भेजे गए

  • Pingback: निमाड़ में प्याज की फसल निकाल रही आंसू | KRISHAK JAGAT

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

3 × five =

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।