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राज्य कृषि समाचार (State News)

पंजाब सरकार द्वारा हरे चारे के आचार की गांठे बनाने वाली मशीन पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जायेगी

मशीन खरीदने वाले किसान को 5.60 लाख रुपए की सहायता मिलेगी

14 अगस्त 2020, चंडीगढ़। पंजाब सरकार द्वारा हरे चारे के आचार की गांठे बनाने वाली मशीन पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जायेगी – पंजाब सरकार द्वारा डेयरी के धंधे को और विकसित और लाभदायक बनाने के लिए पंजाब डेयरी विकास बोर्ड के द्वारा हरे चारे से आचार की गांठे बनाने वाली मशीन की लागत पर 40 प्रतिशत की दर से सब्सिडी किसानों को दी जायेगी।

आज यहाँ जारी बयान में पशु पालन, मछली पालन और डेयरी विकास मंत्री, पंजाब श्री तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा, ने बताया कि हरे चारे की पैदावार और देखभाल का मशीनीकरन करने के लिए सरकार की तरफ से निरंतर प्रयास  किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरे चारे के तहत क्षेत्रफल बढ़ा कर न सिर्फ  दूध की पैदावार में विस्तार होगा बल्कि गेहूँ, धान के तहत क्षेत्रफल भी घटेगा, जिससे न सिफऱ् भूजल की बचत होगी बल्कि रिवायती फसलों के मंडीकरण की समस्या से भी निपटा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इस स्कीम के लागू होने से मशीन खरीदने वाले उद्यमी किसान को 5.60 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता सरकार की तरफ से मिलेगी।

मंत्री श्री बाजवा ने बताया कि डेयरी धंधे के लिए सारा साल हरे चारे की उपलब्धता बहुत ज़रूरी है। परन्तु यह देखा गया है कि पंजाब में कई महीनों हरा चारा बेकार  हो जाता है और कभी  कमी भी  आ जाती है। फ़ाल्तू हरे चारे से साइलेज या आचार बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि पंजाब में हर प्रगतिशील डेयरी फार्मर अपनी ज़रूरत के मुताबिक चारे वाली मकई और जवी का आचार बना रहा है। परन्तु गड्ढे या बंकर में बने इस आचार को एक से दूरी जगह ले जाना संभव नहीं होता क्योंकि इसमें नमी की मात्रा अधिक होने के कारण आचार खऱाब होने का ख़तरा रहता है।

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श्री बाजवा ने बताया कि प्रगतिशील मुल्कों की तरह अब पंजाब में भी इस मुश्किल का हल निकाल लिया गया है, अब नवीनतम मशीनों के द्वारा तैयार किये साइलेज को बैगों, ट्यूबों और गांठों में तैयार करके छोटे, भूमिहीन किसानों, शहरी डेरियों और हरे चारे की कमी वाले राज्यों को भेजा जा सकेगा। इससे छोटे और शहरी डेयरी फार्मरों को वाजिब कीमत पर सारा साल संतुलित आहार उपलब्ध होगा। इसके साथ-साथ बेरोजग़ार नौजवान जो मकई के आचार की गांठे बनाने का काम शुरू करेंगे, को रोजग़ार हासिल होगा।

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डेयरी विकास विभाग के डायरैक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह ने बताया कि साइलेज बेलर मशीनों के लिए तीन ही कंपनियाँ मैस. उज्ज्वला हारवैस्टर कारपोरेशन, डायनामिक मशीनरी और इक्यूपमैंट और मैस. बखशीश इंडस्ट्रीज को मानकों के अनुसार पाया गया, जोकि 100 किलो और 500 किलो की गांठे बनाती हैं।

उन्होंने समूह दूध उत्पादकों, उद्यमियों से आवाहन किया  कि इस स्कीम का भरपूर लाभ लेने के लिए अपने  जि़ला स्तरीय या राज्य स्तरीय दफ़्तर के साथ संपर्क रखा जाये। इस सम्बन्ध में  और ज्यादा जानकारी के लिए विभाग के हेल्पलाइन नंबर 0172 -5027285 पर संपर्क किया जा सकता है।