धानुका किसान सम्मेलन में जल प्रबंधन और टिकाऊ खेती पर जोर
20 जनवरी 2026, मुज़फ्फरपुर: धानुका किसान सम्मेलन में जल प्रबंधन और टिकाऊ खेती पर जोर – “बिहार की कृषि, भारत का भविष्य – विकसित भारत 2047” विषय पर धानुका एग्रीटेक लिमिटेड द्वारा आयोजित किसान सम्मेलन में जल संरक्षण, वैज्ञानिक खेती और किसानों की आय वृद्धि को लेकर व्यापक मंथन हुआ। सम्मेलन का आयोजन होटल अतिथि, रामदयालु नगर में किया गया, जिसमें लगभग 450 प्रगतिशील किसानों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी ने कहा कि प्रभावी जल प्रबंधन के बिना कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता संभव नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न किसान कल्याण योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. गोपाल त्रिवेदी ने कृषि अनुसंधान और किसानों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई। वहीं धानुका एग्रीटेक के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. पी. के. चक्रवर्ती ने संतुलित कृषि आदानों और पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों पर जोर दिया।
आईसीएआर–अटारी, पटना के निदेशक डॉ. अंजनी कुमार ने कृषि विज्ञान केंद्रों को किसानों और तकनीक के बीच सेतु बताया।

RPCAU के कुलपति डॉ. पुण्यव्रत सुविमलेन्दु पांडेय ने कहा कि बिहार में फसल विविधीकरण और मूल्य श्रृंखला विकास की अपार संभावनाएं हैं।
तकनीकी सत्र में धानुका एग्रीटेक लिमिटेड ने राज्य की कृषि परिस्थितियों के अनुरूप फसल सुरक्षा समाधान प्रस्तुत किए। कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट अनुपम पाल ने कहा कि धानुका नवाचार, गुणवत्ता और मजबूत फील्ड सपोर्ट के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कंपनी के मूल मंत्र — “धानुका का प्रणाम, हर किसान के नाम” — को भी रेखांकित किया।सम्मेलन ने बिहार की कृषि में नवाचार और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में राज्य की भूमिका को सशक्त रूप से रेखांकित किया।
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