राज्य कृषि समाचार (State News)

अचानक बारिश से फिरा आलू पर पानी

24 अक्टूबर 2020, इंदौर। अचानक बारिश से फिरा आलू पर पानी (जेपी नागर,देपालपुर ):कुदरत भी किसानों के दर्द को बार-बार कुरेदती रहती है। किसान सोयाबीन की फसल में हुए नुकसान से उबरे भी नहीं थे कि गत सप्ताह देपालपुर क्षेत्र में हुई तेज बारिश ने रौनक और रुदन के मिले-जुले रंग दिखा दिए। तेज बारिश से जहां तालाब लबालब हो गया जिससे किसान खुश हैं ,वहीं दूसरी ओर सैकड़ों किसानों के उद्यानिकी फसलों के रोपे खराब हो गए वह किसान रो रहे हैं ।

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बता दें कि गत रविवार रात्रि को देपालपुर क्षेत्र में तेज बारिश हुई थी जिसमें जिन तालाबों में पानी कम हो गया था ,वह जोरदार बारिश से पुनः भर गए ।बनेड़िया तालाब फिर से ओवरफ्लो हो गया । इससे किसानों को रबी में दो पानी अधिक मिलने की उम्मीद बढ़ने से किसानों के चेहरों पर मुस्कान आ गई। लेकिन दूसरी तरफ कई किसानों के आलू ,प्याज ,लहसुन टमाटर और मटर के रुपए खराब हो गए बनेड़िया के किसान श्री राजेंद्र पटवारी ने बताया कि उनके 4 बीघा के चिप्स किस्म के आलू खराब हो गए जिससे करीब ₹85000 का नुकसान हुआ ।तेज बारिश से पाल धंस गई और बोए गए आलू को कीड़ों ने पूरी तरह नष्ट कर दिया। वैसे भी आलू चिप्स की किस्म पर मेहनत और खर्च ज्यादा लगता है । आलू चिप्स के बीज एक बीघा में करीब 8 क्विंटल लगते हैं ,जिसकी लागत 20 से 30 हज़ार आती है जबकि उर्वरक और दवाई की लागत अलग से लगती है। लहसुन उत्पादक किसान श्री राम प्रसाद पटेल ने बताया कि एक बीघा में 2 क्विंटल लहसुन बीज लगता है बीज की कीमत 8 से 10 हज़ार है, जबकि खाद और दवाई का खर्च अलग से आता है जो करीब 30 से 35 हज़ार तक पहुंच जाता है किसानों के इस दर्द के दृश्य को देखकर लगता है कि किसान इन दिनों बड़ी दयनीय स्थिति से गुजर रहे हैं।

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