विदिशा : कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों का अधिकारियों ने किया निरीक्षण
20 अगस्त 2026, विदिशा: विदिशा : कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों का अधिकारियों ने किया निरीक्षण – कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से शमशाबाद क्षेत्र का भ्रमण कर कृषि गतिविधियों तथा कृषक हित से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का स्थल निरीक्षण किया गया है। भ्रमण के दौरान मूंग उपार्जन केंद्र शमशाबाद, डबल लॉक उर्वरक केंद्र, कस्टम हायरिंग सेंटर भगवानपुर तथा सोयाबीन फसल क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने किसानों को समय पर आवश्यक सुविधाएं, कृषि सामग्री तथा तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए हैं।
मूंग उपार्जन केंद्र का किया निरीक्षण – अधिकारियों ने मूंग उपार्जन केंद्र शमशाबाद पहुंचकर उपार्जन प्रक्रिया, किसानों की सुविधा, उपज की गुणवत्ता तथा केंद्र पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों से भी उपार्जन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी ली गई। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि उपार्जन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप उनकी उपज का सुचारू रूप से उपार्जन सुनिश्चित किया जाए।
डबल लॉक उर्वरक केंद्र में उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा – डबल लॉक उर्वरक केंद्र शमशाबाद के निरीक्षण के दौरान उर्वरक के भंडारण, उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने उर्वरक की उपलब्धता एवं किसानों को उसके वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कृषकों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। साथ ही वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि किसानों को कृषि कार्यों के दौरान उर्वरक की कमी का सामना न करना पड़े।
कस्टम हायरिंग सेंटर से किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ – भगवानपुर स्थित कस्टम हायरिंग सेंटर का भ्रमण कर वहां उपलब्ध कृषि यंत्रों तथा उनके उपयोग की स्थिति का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने कृषि यंत्रों की उपलब्धता और किसानों को मिल रही सुविधा की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर आधुनिक कृषि यंत्रों को किसानों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इनके माध्यम से किसान कम लागत में आवश्यक कृषि यंत्र प्राप्त कर कृषि कार्यों को समयबद्ध एवं सुविधाजनक ढंग से पूरा कर सकते हैं।
सोयाबीन फसल में कीट-व्याधि की स्थिति का लिया जायजा – अधिकारियों ने क्षेत्र के सोयाबीन खेतों का भ्रमण कर फसल की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान फसल में कीट एवं व्याधि की संभावित स्थिति की जांच की गई तथा खेतों में फसल स्वास्थ्य का अवलोकन किया गया। कृषकों को फसल की निगरानी, समय पर कीट-व्याधि की पहचान तथा आवश्यक फसल सुरक्षा उपायों के संबंध में कृषि तकनीकी सलाह एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
औषधीय कृषि गतिविधियों का अवलोकन – भ्रमण के दौरान प्रगतिशील कृषक श्री लखनलाल पाठक द्वारा किए जा रहे औषधीय कृषि कार्यों का भी अवलोकन किया गया। कृषक ने अधिकारियों को औषधीय पौधों के उत्पादन के साथ-साथ उनके प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
अधिकारियों ने आयुष विभाग की योजनाओं के माध्यम से विकसित प्रसंस्करण गतिविधियों का भी अवलोकन किया। उन्होंने औषधीय कृषि को किसानों की आय में वृद्धि, कृषि विविधीकरण तथा स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। अधिकारियों ने कहा कि पारंपरिक फसलों के साथ औषधीय एवं अन्य लाभकारी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकते हैं।
किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना भ्रमण का उद्देश्य – अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मैदानी निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य शासन की कृषि एवं संबद्ध योजनाओं तथा व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करना है, ताकि सामने आने वाली समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके और किसानों को बेहतर सेवाएं एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके। कृषि उत्पादन, उपार्जन, उर्वरक उपलब्धता, आधुनिक कृषि यंत्रों तथा फसल स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी से किसानों को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
निरीक्षण एवं भ्रमण के दौरान उपसंचालक कृषि श्री सचिन जैन, उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग श्री संजय भारती, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री श्यामलाल सोलंकी, सहायक कृषि यंत्री श्री राहुल खातरकर, प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जगदीश गुर्जर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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