राज्य कृषि समाचार (State News)

उत्तर प्रदेश सरकार ने 11 कीटनाशकों पर लगाया प्रतिबंध, CCFI ने दी कानूनी चुनौती

29 अगस्त 2025, लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने 11 कीटनाशकों पर लगाया प्रतिबंध, CCFI ने दी कानूनी चुनौती – पंजाब के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने भी धान की फसल, जिसमें बासमती शामिल है, पर इस्तेमाल होने वाले 11 कीटनाशक अणुओं के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी की है। इस फैसले ने कृषि रसायन उद्योग और उन किसानों में चिंता बढ़ा दी है, जो कीट प्रबंधन के लिए इन पंजीकृत फार्मूलों पर निर्भर हैं।

क्रॉप केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया (CCFI), जिसने हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से पंजाब सरकार की अधिसूचना पर अंतरिम स्थगन आदेश प्राप्त किया था, अब उत्तर प्रदेश सरकार के इस निर्णय को भी अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है। CCFI का कहना है कि यह प्रतिबंध मनमाना है, किसी वैज्ञानिक प्रमाण पर आधारित नहीं है, और इससे किसानों की उत्पादकता तथा भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

उद्योग प्रतिनिधियों का तर्क है कि जिन कीटनाशकों पर प्रतिबंध लगाया गया है, वे सभी देशभर में पंजीकृत हैं और रजिस्ट्रेशन कमेटी द्वारा विष विज्ञान और अवशेष परीक्षणों के बाद स्वीकृत किए गए हैं। अचानक लगाए गए ऐसे प्रतिबंध न केवल किसानों की खेती की प्रक्रिया को बाधित करते हैं, बल्कि बासमती चावल के निर्यातकों के लिए भी असमंजस की स्थिति पैदा करते हैं।

आने वाले हफ्तों में यह कानूनी लड़ाई और तेज होने की उम्मीद है, क्योंकि कृषि रसायन कंपनियां और किसान संगठन वैज्ञानिक साक्ष्य पर आधारित नीतियों की मांग कर रहे हैं, न कि आशंकाओं पर आधारित प्रतिबंधों की।

Advertisement
Advertisement

प्रतिबंधित कीटनाशकों में ट्राइसाइक्लाज़ोल, बुप्रोफेज़िन, एसीफेट, क्लोरपाइरीफॉस, टेबुकोनाज़ोल, प्रोपिकोनाज़ोल, थियामेथोक्सम, प्रोफेनोफोस, इमिडाक्लोप्रिड, कार्बेन्डाजिम और कार्बोफ्यूरान शामिल हैं।

Advertisement
Advertisement

यह भी पढ़ें –  https://www.global-agriculture.com/india-region/uttar-pradesh-bans-11-pesticides-on-basmati-rice-for-60-days/

यह भी पढ़ें – https://www.global-agriculture.com/india-region/punjab-high-court-grants-stay-on-ban-of-12-insecticides-for-basmati-paddy/

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.global-agriculture.com

Advertisements
Advertisement
Advertisement