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राज्य कृषि समाचार (State News)

जलमग्न क्षेत्रों में 95 प्रतिशत तक फसलों का नुकसान हो सकता है

26 अगस्त 2022, भोपाल: जलमग्न क्षेत्रों में 95 प्रतिशत तक फसलों का नुकसान हो सकता है – उप संचालक, कृषि विभाग  ने बताया कि 22 एवं 23 अगस्त 2022 में भोपाल जिले में क्रमशः 151.8 मिली मीटर एवं 180.00 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गयी जो सामान्य से अत्यधिक है। पिछले 24 घंटो में 10 इंच वर्षा रिकार्ड की गई अतिवर्षा के कारण जिले की कोलास नदी से लगे गांव, हलाली एवं कोलार बांध से लगे हुए गांवों में लगभग 15000 हेक्टेयर क्षेत्र जलमग्न है। उन्होंने बताया कि जल्दी ही फसलों का वास्तविक आकलन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि भोपाल जिले में औसतन 15000 हेक्टेयर क्षेत्र जलमग्न है। 2022 खरीफ मौसम में 144740 हेक्टेयर में बोनी की गयी है जिनमें मुख्य रूप से सोयाबीन, मक्का एवं धान की फसल बोयी गयी है।

वर्तमान में सोयाबीन की फसल फूल की अवस्था पर है तथा इस अवस्था में जलमग्न की स्थिति  होने से फूल झड कर फसल उत्पादकता में 50 प्रतिशत तक या उससे अधिक गिरावट होने की सम्भावना है। जिन क्षेत्रों में जल का निस्तारण तेजी से हो गया हो उन्ही क्षेत्रों में सामान्य उत्पादन मिलने की सम्भावना है। औसतन सोयाबीन फसल मे कुल क्षेत्रफल 109000 हेक्टेयर हेक्टेयर में से अधिकांश क्षेत्रों में 50 प्रतिशत एवं जलमग्न क्षेत्रों में 95 प्रतिशत तक भी नुकसान हो सकता है।

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मक्का की फसल में जलभराव एवं तेज हवाओं के कारण फसल झुकाव से कारण उत्पादन में 25 से 65 प्रतिशत तक कमी होने की संभावना है। 6000 हेक्टेयर क्षेत्र मे मूंग, उडद एवं अरहर की फसल बोयी गयी थी, लगातार बारिश की वजह से ये फसले लगभग पूरी तरह से नष्ट होने की सम्भावना है। यह जानकारी नजरी आकलन के आधार पर तैयार की गयी है, जलमग्न क्षेत्रों में पानी उतरने के उपरांत वास्तविक क्षति का आकलन किया जा सकेगा।

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