इंदौर जिले में बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल प्रभावित
कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा
22 फरवरी 2026, इंदौर: इंदौर जिले में बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल प्रभावित – इंदौर जिले में गत दिनों हुई बेमौसम बारिश एवं तेज हवाओं के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। विशेष रूप से सांवेर, बालौदा, टाकून, पोटलोद, रतनखेड़ी, बसान्द्रा, नाहरखेड़ा, देपालपुर के नेवरी, चटवाड़ा, पिपलोदा खड़ी, तलावली, बैंगन्दा, सगडोद, हातोद तथा इंदौर तहसील के नैनोद, रिजंलाई, जम्मूडी हाप्सी, कलमेर, रोजड़ी महूं भगोरा सहित आसपास के गांवों में खेतों में तैयार फसल आड़ी (गिर) गई है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा प्रारंभ किया। कृषि उपसंचालक श्री सी.एल. केवड़ा स्वयं गांव-गांव पहुंचे और खेतों में जाकर फसल की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान किसान नेता श्री बबलू जाधव भी अपने गांव में उपस्थित रहे। उन्होंने अधिकारियों के साथ क्षतिग्रस्त फसलों का अवलोकन किया। उनके साथ वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सांवेर श्री राजेश धारे, कृषि विस्तार अधिकारी श्री रणजीत ठाकुर, अरविंद चाचरिया, जिला बीमा अधिकारी श्री भाटी गोकुल चौधरी सहित विभागीय अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने किसानों, उप-सरपंचों, वरिष्ठजनों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ खेतों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति का अवलोकन किया तथा फसल नुकसानी का सर्वे कार्य प्रारंभ किया।
किसानों से चर्चा कर उन्हें आश्वस्त किया गया कि नुकसान का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्वरित आकलन कर प्रतिवेदन शासन को प्रेषित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन किसानों के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है तथा राहत एवं सहायता की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण की जाएगी। किसानों से अपील की गई है कि वे सर्वे कार्य में सहयोग करें एवं आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराएं।जिला प्रशासन प्रभावित किसानों के साथ दृढ़ता से खड़ा है और शीघ्र राहत सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
किसान नेता श्री बबलू जाधव ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर राजस्व पुस्तिका परिपत्र (RCB 6/4) के तहत पात्र किसानों को त्वरित मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित किसानों को नियमानुसार बीमा लाभ दिलाने का आग्रह किया गया, ताकि किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
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