Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

10 से ज्यादा गोवंश पालने वालों को मिलेगा विशेष अनुदान: डॉ. यादव

08 नवंबर 2024, भोपाल: 10 से ज्यादा गोवंश पालने वालों को मिलेगा विशेष अनुदान: डॉ. यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, किसानों को तो क्रेडिट कार्ड मिलता ही है. लेकिन अब गोवंश पालने वालों को भी क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा, ताकि वे गोवंश के पालन के लिए रुपयों का इंतजाम कर सकें। डॉ. यादव रवींद्र भवन में राज्य स्तरीय गोवर्धन पूजा कार्यक्रम शामिल हुए। सीएम ने कहा, 10 से ज्यादा गोवंश पालने वालों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में 5 से 10 हजार गोवंश वो पालन के लिए जो भी खर्च आएगा, उसका प्रबंध राज्य सरकार करेगी।

दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा

डॉ. यादव ने कहा, सरकार ने नेशनल डेघरी बोर्ड के साथ प्रदेश के सभी 51 हजार गांव में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर फोकस किया है, ताकि दुग्ध उत्पादन का प्रतिशत 9 से पड़कर 20% तक पहुंचाया जा सके। अभी प्रदेश में एक करोड़ 39 लाख पशुधन है, जिसे और बड़ाने पर सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, गाय और गंगा, भारत की संस्कृति और सभ्यता की आत्मा है। ये पालनहार और तारणहार भी हैं I

वेद पुराण, उपनिषद, स्मृति ग्रंथों, रामायण, महाभारत और वांग्मय में गौ महिमा का वर्णन है। गाय को सुरभि, कामधेनु, अच्या, यज्ञपटी, कल्याणी, इज्या, बहुला, कामदुधा, विश्व की आयु, रुदों को माला और बसुओं की पुत्री के रूप में सुशोभित किया गया है। गोवर्धन पूजा प्रकृति के सम्मान का उत्सव है। धरा पर गाय और गंगा ही हैं, जो ईश्वर को अत्यंत प्रिय हैं। इनके बिना भारतवर्ष की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

दुग्ध उत्पादकों को बोनस

सीएम ने कहा, सरकार ने गोवंश के अवैध परिवहन और तस्करी के मामले में 7 साल की सजा का प्रावधान कर रखा है। सरकार ने यह भी तय किया है कि आने वाले समय में गोवंश का पालन करने और दुग्ध उत्पादन करने वालों को बोनस दिया जाएगा।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com