गेहूं खरीदी में कमी की होगी गहन जांच, दोषियों से कराई जाएगी भरपाई: खाद्य मंत्री
16 जुलाई 2026, भोपाल: गेहूं खरीदी में कमी की होगी गहन जांच, दोषियों से कराई जाएगी भरपाई: खाद्य मंत्री – रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के बाद भंडारित गेहूं में कमी पाए जाने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपर मुख्य सचिव (खाद्य) रश्मि अरुण शमी को गेहूं खरीदी में सामने आई कमी की विस्तृत समीक्षा कर इसके कारणों की पहचान करने तथा संबंधित समितियों एवं परिवहनकर्ताओं से इसकी भरपाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री के निर्देशों के बाद अपर मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं कि जिला उपार्जन समिति प्रत्येक मामले की जांच कर कमी के वास्तविक कारणों का पता लगाए। यदि किसी समिति या परिवहनकर्ता की लापरवाही अथवा जिम्मेदारी सामने आती है, तो उनसे नियमानुसार वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
खाद्य विभाग के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया में तुलाई, परिवहन, भंडारण एवं हैंडलिंग के दौरान प्रति क्विंटल कुछ मात्रा में कमी आना सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है। पिछले वर्षों में यह औसत कमी 176 ग्राम प्रति क्विंटल दर्ज की जाती थी।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार रबी विपणन वर्ष 2026-27 में यह कमी घटकर मात्र 70 ग्राम प्रति क्विंटल रह गई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष गेहूं की खरीदी पिछले वर्ष की अपेक्षा लगभग 30 प्रतिशत अधिक होने के बावजूद प्रति क्विंटल कमी का स्तर काफी कम दर्ज किया गया है, जो खरीदी एवं भंडारण व्यवस्था में सुधार का संकेत माना जा रहा है।
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जहां कमी सामान्य हैंडलिंग सीमा से अधिक पाई जाएगी, वहां संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार वसूली और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य समर्थन मूल्य पर खरीदे गए अनाज के सुरक्षित भंडारण, पारदर्शी प्रबंधन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए खाद्यान्न की गुणवत्ता एवं उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
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