राज्य कृषि समाचार (State News)

75 दिन में तैयार होने वाली इस फसल ने किसान को बनाया मालामाल, अब 15 एकड़ में कर रहे खेती

13 जून 2026, छिंदवाड़ा: 75 दिन में तैयार होने वाली इस फसल ने किसान को बनाया मालामाल, अब 15 एकड़ में कर रहे खेती – मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के विकासखंड परासिया, तहसील उमरेठ के ग्राम छाबड़ीकला के प्रगतिशील किसान जितेन्द्र पवार ने परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए स्वीट कॉर्न की उन्नत खेती अपनाकर क्षेत्र के किसानों के लिए एक नई मिसाल पेश की है। कम समय में बेहतर आय देने वाली इस फसल ने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, जिसके चलते उन्होंने इस वर्ष खेती का रकबा भी बढ़ा दिया है।

15 एकड़ में कर रहे स्वीट कॉर्न की खेती

कृषक जितेन्द्र पवार ने वर्ष 2026 में लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई आधारित स्वीट कॉर्न (स्वीट क्वीन वैरायटी) की खेती की है। फसल की बुवाई 12 से 15 अप्रैल के बीच की गई थी। वर्तमान में फसल उत्कृष्ट स्थिति में है तथा पौधों में छावर और भुट्टों का विकास अच्छी तरह हो चुका है।

75 दिन की फसल, बेहतर मुनाफा

जितेन्द्र पवार बताते हैं कि स्वीट कॉर्न लगभग 75 दिन में तैयार होने वाली नकदी फसल है, जिससे कम समय में अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने पिछले वर्ष 7 एकड़ क्षेत्र में स्वीट कॉर्न की खेती की थी, जिससे करीब 10 लाख रुपये का विक्रय हुआ। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें प्रति एकड़ लगभग 1 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।

पिछले वर्ष मिली सफलता से उत्साहित होकर उन्होंने इस बार खेती का रकबा बढ़ाकर 15 एकड़ कर दिया है।

आधुनिक तकनीक से बढ़ा लाभ

स्वीट कॉर्न की बढ़ती मांग, बेहतर बाजार उपलब्धता और ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग ने उनकी खेती को अधिक लाभकारी बनाया है। यही कारण है कि छिंदवाड़ा जिले में भी स्वीट कॉर्न का रकबा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में जिले में लगभग 5 हजार एकड़ क्षेत्र में स्वीट कॉर्न की खेती की जा रही है, जो किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कृषि अधिकारियों ने किया निरीक्षण

शुक्रवार को उप संचालक कृषि जितेन्द्र कुमार सिंह ने ग्राम छाबड़ीकला पहुंचकर जितेन्द्र पवार के खेत में लगी स्वीट कॉर्न फसल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फसल की उत्कृष्ट स्थिति और अपनाई गई वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की सराहना की गई।

इस अवसर पर अनुविभागीय कृषि अधिकारी परासिया प्रमोद सिंह उट्टी सहित क्षेत्र के किसान रामजी पवार, कैलाश पवार, राम पवार और उमेश पवार भी उपस्थित रहे।

किसानों के लिए प्रेरणा बने जितेन्द्र पवार

जितेन्द्र पवार की सफलता यह साबित करती है कि यदि किसान गुणवत्तायुक्त बीज, सूक्ष्म सिंचाई और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं तो कम समय में अधिक लाभ अर्जित कर सकते हैं। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के अन्य किसानों को भी परंपरागत फसलों के साथ उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती की ओर प्रेरित कर रही है।

जितेन्द्र पवार का कहना है कि “स्वीट कॉर्न की खेती ने मेरी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। सही तकनीक, उचित प्रबंधन और बाजार की जानकारी के साथ किसान कम समय में अच्छा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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