महाराष्ट्र किसान कर्जमुक्ति योजना की तीसरी सूची जारी, 3.51 लाख और किसान होंगे कर्जमुक्त
22 अक्टूबर 2026, मुंबई: महाराष्ट्र किसान कर्जमुक्ति योजना की तीसरी सूची जारी, 3.51 लाख और किसान होंगे कर्जमुक्त – महाराष्ट्र सरकार की पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना के तहत पात्र किसानों की तीसरी सूची जारी कर दी गई है। इस सूची में 3 लाख 51 हजार 192 किसान शामिल हैं, जिससे योजना के तहत अब तक कुल 24.67 लाख किसानों को कर्जमुक्ति का लाभ मिलने की राह साफ हो गई है।
सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटील के मुताबिक यह तीसरी सूची 12 अक्टूबर को जारी की गई। इससे पहले पहली सूची 24 जुलाई को आई थी, जिसमें 16.96 लाख किसान शामिल थे, और दूसरी सूची 11 सितंबर को आई थी, जिसमें 4.20 लाख किसान जोड़े गए थे। बैंकों ने इस योजना के पोर्टल पर कुल 31.17 लाख बकाया कर्ज खातों की जानकारी अपलोड की थी, जिनकी जांच के बाद चरणबद्ध तरीके से सूचियां जारी हो रही हैं।
यह योजना महाराष्ट्र सरकार की उस पहल का हिस्सा है जिसके तहत सूखा और कम बारिश से प्रभावित इलाकों के फसल ऋण लेने वाले किसानों को राहत देने का फैसला किया गया था। चूंकि अभी भी कई लाख किसानों के खातों की जांच बाकी है, इसलिए आगे और सूचियां जारी होती रहेंगी। राज्य सरकार ने साफ किया है कि किसी एक सूची में नाम न आने का मतलब पात्रता खत्म होना नहीं है, बल्कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है।
किस क्षेत्र में कितने किसान पात्र
तीसरी सूची में सबसे ज्यादा किसान छत्रपति संभाजीनगर संभाग से हैं, जहां 2 लाख 6 हजार 450 किसान पात्र पाए गए हैं। इसके बाद अमरावती संभाग से 85,076, नागपुर संभाग से 30,738, नाशिक संभाग से 14,244, पुणे संभाग से 11,928 और कोंकण संभाग से 2,756 किसान इस सूची में शामिल हैं।
पात्रता की शर्तें और आधार प्रमाणीकरण जरूरी
योजना के तहत 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच वितरित फसल ऋण को कवर किया जा रहा है, बशर्ते वह ऋण 30 सितंबर 2025 तक बकाया हो और 31 मार्च 2026 तक अदा न हुआ हो। अधिकतम ₹2 लाख तक का कर्ज माफ किया जाएगा, और इसमें पुनर्गठित व पुनः पुनर्गठित ऋण भी शामिल हैं। 1 अप्रैल 2026 से लगने वाला ब्याज व अन्य शुल्क भी माफ होंगे। जिन किसानों का राष्ट्रीयकृत या वाणिज्यिक बैंकों में ₹2 लाख से ज्यादा बकाया है, उन पर सरकार की हेयरकट नीति लागू होगी।
जिन किसानों का निधन हो गया है या जो उम्रदराज होने या किसी अन्य वजह से फिंगरप्रिंट नहीं दे सकते, उनके लिए 19 अगस्त को ही एक अलग प्रक्रिया (एसओपी) जारी की जा चुकी है, ताकि ऐसे मामलों में भी माफी की राशि बिना रुके संबंधित परिवार तक पहुंच सके। पात्र किसानों से कहा गया है कि वे अपने नजदीकी आपले सेवा केंद्र पर जाकर आधार प्रमाणीकरण पूरा करें, क्योंकि माफी की राशि आधार प्रमाणीकरण के बाद ही संबंधित कर्ज खाते में जमा की जाएगी। जिन किसानों के नाम अब तक किसी सूची में नहीं आए हैं, उन्हें आने वाली सूचियों में शामिल किए जाने की उम्मीद है, क्योंकि बैंकों से अपलोड किए गए सभी खातों की जांच अभी जारी है।
जिलास्तर पर सहकारिता विभाग और बैंक शाखाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे पात्र किसानों की सूची को पंचायत और ग्राम स्तर पर भी सार्वजनिक करें, ताकि दूरदराज के किसानों को भी अपने नाम की जांच के लिए शहर की बैंक शाखा तक न जाना पड़े। कृषि क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि कर्जमुक्ति के साथ ही किसानों को समय पर नई फसल ऋण सुविधा मिलना भी जरूरी है, ताकि वे आने वाले रबी सीजन के लिए खाद-बीज का इंतजाम बिना परेशानी के कर सकें।
विपक्षी दलों और कुछ किसान संगठनों की ओर से योजना की रफ्तार और चरणबद्ध तरीके से सूची जारी होने पर सवाल भी उठाए जाते रहे हैं, क्योंकि कई किसान तीन-तीन सूचियों के बावजूद अब तक इंतजार कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि बैंकों से मिले आंकड़ों की बारीकी से जांच जरूरी है, ताकि माफी का लाभ सही और पात्र किसान तक ही पहुंचे और योजना में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
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