राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश के 15 जिलों में कहीं-कहीं वर्षा होगी

23 अक्टूबर 2025, इंदौर: मध्यप्रदेश के 15 जिलों में कहीं-कहीं वर्षा होगी –  मौसम केंद्र , भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24  घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के  इंदौर, ग्वालियर , रीवा, जबलपुर, सागर संभागों के जिलों में कहीं- कही नर्मदापुरम संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा दर्ज़ की गई एवं शेष सभी संभागों के जिलों में  मौसम मुख्यतः शुष्क रहा।

वर्षा के प्रमुख आंकड़े ( मि मी में ) – वरला 37.0,  जुन्नार देव 34.6,  तामिया  30.0, भगवानपुरा 26.0, निसरपुर 23.1, आमला 15.0,  कुक्षी  15.0, मनावर 14.0, अमरपाटन 14.0, मैहर 12.0,  चाचरिया पाटी11.0,  घोडा डोंगरी  10.0, रीवा-शहर 10.0,  डही  9.0,  भैंसदेही 7.0, भीमपुर 7.0, नेपानगर 7.0, शाहपुर 4.2, बैतूल 3.4, बड़ा मलहरा  3.2,  चिचोली  3.0, नालछा 2.2, चंदेरी 2.0, उमरेठ 1.6, पचमढ़ी 1.1,पाटी 1.0, निवाली 1.0  मिमी  वर्षा दर्ज़ की गई।अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, बुरहानपुर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, धार, खरगोन, मैहर,  नर्मदापुरम और रीवा जिलों में  झंझावात / वज्रपात के साथ वर्षा हुई।

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मौसमी परिस्थितियां – एक अवदाब  ( डिप्रेशन )  दक्षिण – पूर्व  अरब सागर पर  दक्षिण – पश्चिम में केंद्रित  रहा। अगले 24 घंटों के दौरान इसके  दक्षिण – पूर्व अरब सागर से होते हुए उत्तर -उत्तर – पूर्व की ओर पूर्व – मध्य  अरब सागर की ओर बढ़ने की संभावना है। एक निम्न  दबाव का  क्षेत्र  दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और निकटवर्ती  क्षेत्रों में अवस्थित है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण  मध्य  क्षोभ मंडल  स्तर पर  सक्रिय  है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके दक्षिण  कर्नाटक से होते  हुए  पश्चिम उत्तर – पश्चिम  की ओर  बढ़ने  और  पूर्व – मध्य और उससे सटे दक्षिण – पूर्व अरब सागर के ऊपर उभरने की संभावना है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण  दक्षिण  अंडमान सागर और  संलग्न  दक्षिण – पूर्व  बंगाल की खाड़ी के ऊपर मध्य  समुद्र तल से 5.8 किमी  की ऊंचाई पर सक्रिय  है। इसके प्रभाव  से, 24  अक्टूबर  को  दक्षिण – पूर्व  और उससे सटे  पूर्व – मध्य  बंगाल की खाड़ी  में एक निम्न  दबाव का क्षेत्र  बनने की संभावना है। इसके  पश्चिम -उत्तर -पश्चिम  की ओर बढ़ने और अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक  स्पष्ट  होने की संभावना है। एक ऊपरी हवा का  चक्रवातीय परिसंचरण  उत्तर -पश्चिम   उत्तर प्रदेश  और  संलग्न हरियाणा  के ऊपर  मध्य समुद्र  तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय  है। पश्चिमी विक्षोभ  मध्य  और ऊपरी  क्षोभ मंडलीय  पश्चिमी  हवाओं में  एक  ट्रफ के रूप में , मध्य  समुद्र  तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर अवस्थित है। 27 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ  पश्चिमी  हिमालयी क्षेत्र  को  प्रभावित करने की संभावना है।

पूर्वानुमान – मौसम केंद्र के अनुसार  रायसेन, सीहोर,  नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा,  खरगोन , बड़वानी,  आलीराजपुर, धार, इंदौर, देवास, छिंदवाड़ा और पांढुर्ना जिलों में कहीं -कहीं वर्षा होगी अथवा गरज -चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी। इन जिलों में कहीं -कहीं झंझावात / वज्रपात के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि भोपाल, विदिशा , राजगढ़, झाबुआ, रतलाम,  उज्जैन , शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी,  ग्वालियर ,दतिया , भिंड , मुरैना,  श्योपुर कलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल,  उमरिया , डिंडोरी , कटनी,जबलपुर,  नरसिंहपुर, सिवनी , मंडला, बालाघाट,  पन्ना , दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी  और  मैहर जिले शुष्क रहेंगे।

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