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मध्य प्रदेश में सिंचाई के रकबे में हुई अभूतपूर्व वृद्धि

22 मार्च 2025, इंदौर: मध्य प्रदेश में सिंचाई के रकबे में हुई अभूतपूर्व वृद्धि – जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने विधानसभा बजट सत्र में विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश में सिंचाई के रकबे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्ष 2003 में जहां प्रदेश में लगभग 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही थी, वही वर्तमान में जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास विभाग की विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से 50 लाख हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता विकसित की जा चुकी है। आगामी 02 वर्षों में इसे बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर एवं अगले 05 वर्षों में 65 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर कर लेंगे।

जल संसाधन विभाग प्रभावी एवं कुशल प्रबंधन के माध्यम से कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए बांध निर्माण एवं सिंचाई प्रणाली के अभूतपूर्व विकास के द्वारा राज्य के विकास में महती भूमिका निभा रहा है। हम जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर आधुनिक एवं उन्नत सिंचाई प्रणाली के माध्यम से किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। प्रदेश में प्रत्येक खेत तक पानी पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। 

श्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश में 25 वृहद, 114 मध्यम एवं 05 हजार 692 लघु सिंचाई परियोजनाएं अर्थात कुल 5 हजार 830 परियोजनाएं पूर्ण है। इस वर्ष निर्माणाधीन  वृहद , मध्यम एवं लघु सिंचाई परियोजनाओं से दिसम्बर-2024 तक लगभग 02 लाख 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र सृजन किया गया है। वर्तमान में जल संसाधन विभाग के अन्तर्गत 42 वृद्ध, 68 मध्यम एवं 381 लघु सिंचाई परियोजना निर्माणाधीन हैं, जिनकी कुल लागत 89 हजार 30 करोड़ रुपये है। मंत्री श्री सिलावट के वक्तव्य के पश्चात विधानसभा में जल संसाधन विभाग का रुपये 09 हजार 183 करोड़ 21 लाख 58 हजार का अनुदान मांग प्रस्ताव ध्वनि-मत से पारित कर दिया गया।

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