कृषि विभाग छिंदवाड़ा की झांकी को मिला प्रथम पुरस्कार
27 जनवरी 2026, छिंदवाड़ा: कृषि विभाग छिंदवाड़ा की झांकी को मिला प्रथम पुरस्कार – 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर पुलिस परेड ग्राउंड छिन्दवाड़ा में आयोजित मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के सपनों को साकार करती हुई कृषि विभाग की झांकी निकाली गई, जिसमें प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य एवं जनस्वास्थ्य के लिए वरदान मानी जा रही प्राकृतिक खेती का बहुत ही सजीव चित्रण सुन्दर ढंग से प्रस्तुत किया गया। एक देशी गाय से 21 एकड़ में प्राकृतिक खेती की जाकर खेती को लाभ का धंधा बनाकर किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ बनाया जा सकता है। कृषि विभाग की इस झांकी में वर्तमान समय की आवश्यकता प्राकृतिक खेती, जिसके द्वारा जहर मुक्त अनाज, सब्जियां, स्वस्थ पर्यावरण एवं स्वस्थ धरा की परिकल्पना का चित्रण किया गया । प्राकृतिक खेती से समृद्ध किसान, समृद्ध मध्यप्रदेश की थीम पर बनी कृषि विभाग छिंदवाड़ा की इस झांकी को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री एवं छिंदवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह द्वारा जिले में साप्ताहिक प्राकृतिक / जैविक हाट बाजार का 13 दिसंबर 2025 को गुरैया सब्जी मंडी में साप्ताहिक जैविक हाट का शुभारंभ किया गया है, ताकि शहरवासियों को जहर मुक्त जैविक उत्पादों को उपलब्ध कराया जा सके। जिले के प्राकृतिक खेती करने वाले कृषक भी साप्ताहिक प्राकृतिक जैविक हाट बाजार प्रारंभ होने से उत्साहित हैं एवं जिले के सम्मानीय किसान ट्रैक्टर में बैठे हुए शासन, प्रशासन का अभिवादन कर रहे हैं, जिसका सजीव चित्रण झांकी के माध्यम से किया जा रहा हैं। झांकी में जिले के आदिवासी अंचल के किसानों द्वारा प्राकृतिक कृषि से खुशहाली का प्रतीक गायन एवं नृत्य प्रस्तुत करते हुए प्रदर्शित किए गए।
छिंदवाड़ा जिले को प्राकृतिक खेती में मध्यप्रदेश में अव्वल स्थान का गौरव प्राप्त है। प्राकृतिक खेती से किसानों की लागत मे कमी लाकर जहाँ खेती को लाभ का धंधा बनाया जा सकता है, वहीं पर्यावरण, मृदा स्वास्थ्य एवं जनस्वास्थ्य के लिए वरदान साबित हो सकती हैं। प्राकृतिक खेती के प्रमुख घटक बीजामृत, जीवामृत एवं पौध संरक्षण हेतु नीमास्त्र हैं, जिसका जीवंत चित्रण झांकी में दिखाया गया। झांकी के अंतिम में नरवाई प्रबंधन के उन्नत कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, जिसमें सुपर सीडर हैप्पी सीडर, स्ट्रा रीपर, रीपर कम्बाईन्डर, स्व चलित स्ट्रा रीपर का प्रदर्शन दिखाया गया। उप संचालक कृषि श्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि बढ़ती जनसंख्या एवं खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने को दृष्टिगत रखते हुए प्रारंभ की गई हरित क्रान्ति से रसायनिक उर्वरक एवं कीटनाशकों का असंतुलित उपयोग भी हुआ, जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारी जन सामान्य में बढ़ती जा रही है। परिणाम स्वरूप कई राज्यों में मरीजों के लिए कैंसर ट्रैन तक चलानी पड़ रही हैं, इससे निजात पाने का एक मात्र उपाय प्राकृतिक खेती है।
लोक निर्माण विभाग मंत्री एवं छिन्दवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री सिंह एवं कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन के नेतृत्व में छिंदवाड़ा जिले में नरवाई प्रबंधन में सर्वश्रेष्ठ कार्य किये जा रहे हैं। नरवाई प्रबंधन प्राकृतिक खेती का प्रमुख स्रोत है, जिससे मिट्टी की उर्वरक शक्ति बढ़ती हैं। इस प्रकार शासन की मंशानुसार प्राकृतिक खेती के माध्यम से कृषकों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर समृद्ध मध्यप्रदेश की निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी, इस तरह कृषि विभाग की झांकी द्वारा जीवंत प्रदर्शन किया गया।
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