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राज्य कृषि समाचार (State News)

पांढुर्ना में कपास पंजीयन की स्थिति निराशाजनक

कपास किसान मोबाइल ऐप से पंजीयन करें किसान – कलेक्टर पांढुर्ना

14 नवंबर 2025, (उमेश खोड़े, कृषक जगत, पांढुर्ना): पांढुर्ना में कपास पंजीयन की स्थिति निराशाजनक – पांढुर्ना जिले में कपास उत्पादक किसानों द्वारा कपास पंजीयन में रूचि नहीं ली जा रही है, जबकि भारतीय कपास निगम (सीसीआई ) द्वारा पांढुर्ना और सौंसर की कृषि उपज मंडियों में कपास खरीदी केंद्र भी स्थापित कर दिए हैं। इस असंतोषजनक स्थिति  को देखते हुए  कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने कपास उत्पादक किसानों से अपील की है कि वे  एमएसपी योजना के अंतर्गत कपास विक्रय के लिए अपना पंजीयन  ‘कपास किसान ‘ मोबाइल ऐप के माध्यम से निर्धारित अवधि में अवश्य कराएं , ताकि फसल बेचने में कोई परेशानी न हो।

 पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ एवं उप संचालक कृषि छिंदवाड़ा/ पांढुर्ना  श्री जितेन्द्र कुमार सिंह ने जिले के सभी कपास उत्पादक किसानों से अपील की है कि वे फसल वर्ष 2025-26 से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के अंतर्गत कपास विक्रय के लिए अपना पंजीयन  “कपास किसान” मोबाइल ऐप के माध्यम से समय पर अवश्य कराएं। उप संचालक कृषि श्री सिंह ने बताया कि  पंजीयन  की अवधि 1 सितम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक रहेगी। पंजीयन की प्रक्रिया सरल है, जिसे किसान तीन आसान चरणों में पूरा कर सकते हैं। किसानों की मदद के लिए  कलेक्टर  के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी ( कृषि ) अनुभाग सौंसर द्वारा विकासखंड सौंसर के 9 और पांढुर्ना विकासखंड के 7 कृषि विस्तार अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों का कपास किसान एप में पंजीयन का एवं एप द्वारा प्रचार-प्रसार दायित्व सौंपा गया है , जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

पांढुर्ना / सौंसर के सीसीआई केंद्र प्रभारी श्री के एल बघेल ने कृषक जगत को बताया कि अभी तक सौंसर तहसील में 2508  और पांढुर्ना तहसील में मात्र 389  किसानों ने ही न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत कपास विक्रय के लिए अपना पंजीयन कराया है। जबकि 10  नवंबर से स्लॉट बुकिंग शुरू हो गई है , लेकिन इन दिनों कपास में 25 %  तक की नमी आ रही है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई कि वे कपास को सुखाकर ही बेचने के लिए केंद्र पर लाएं।  सीसीआई  8 -12  % तक की नमी वाला कपास ही खरीदेगा।  इससे अधिक नमी पाए जाने पर खरीदी नहीं की जाएगी। सीसीआई के नमी प्रतिशत अनुसार कपास के भाव इस प्रकार रहेंगे – 8 % – 8010 रु ,9 % -7930 रु ,10  % -7850  रु ,11 % 7770  रु  और 12 % नमी  वाला कपास 7690 रु / क्विंटल खरीदा जाएगा।

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उल्लेखनीय  है कि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा  वर्ष 2025-26 (अक्टूबर–सितंबर) के लिए कपास की दो प्रमुख किस्मों उचित (फेयर) औसत गुणवत्ता की मध्यम लंबाई वाली कपास (मीडियम स्टेपल कॉटन), जिसके रेशे की लंबाई 24.5 मि.मी. से 25.5 मि.मी. और माइक्रोनियर मान 4.3 से 5.1 है तथा लंबी रेशे वाली कपास (लॉन्ग स्टेपल कॉटन), जिसके रेशे की लंबाई 29.5 मि.मी. से 30.5 मि.मी. और माइक्रोनियर मान 3.5 से 4.3 है, के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित किया गया है। मध्यम लंबाई वाली कपास का समर्थन मूल्य ₹7710 प्रति क्विंटल तथा लंबी रेशे वाली कपास का समर्थन मूल्य ₹8110 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। उपरोक्त दोनों प्रमुख किस्मों के समर्थन मूल्य गुणवत्ता, सामान्य मूल्य अंतर तथा अन्य संबंधित तथ्यों को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ औसत गुणवत्ता (एफएक्यू) के आधार पर तय किए गए हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान,  सीसीआई प्रभारी श्री के एल बघेल के मोबाइल नंबर- 9437235033  पर तथा फील्ड अधिकारी श्री अजय वर्मा के मोबाइल नंबर- 8358063483 पर संपर्क कर सकते हैं।

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