राज्य कृषि समाचार (State News)

जबलपुर हाईकोर्ट ने सरकार व मंडी बोर्ड को जारी किया नोटिस

  मंडी में समर्थन मूल्य पर किसानों के उत्पाद की खरीदी का  मामला

25 दिसंबर 2025, जबलपुर: जबलपुर हाईकोर्ट ने सरकार व मंडी बोर्ड को जारी किया नोटिस – मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर  ने  मंडी में समर्थन मूल्य पर किसानों के उत्पाद की खरीदी के मामले में दिए गए पूर्व आदेश का परिपालन नहीं किए जाने पर दायर  अवमानना अपील पर सरकार व मंडी बोर्ड को नोटिस जारी कर हाई कोर्ट ने स्पष्टीकरण चाहा है कि उनके द्वारा 20  फरवरी 2018 को  दिए गए आदेश का पालन क्यों नही किया गया ? जिसमें स्पष्ट  कहा गया था कि   कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 36 (3) के तहत कृषि उपज मंडियों में किसानों से खरीदी जाने वाली अधिसूचित कृषि उपज, जिसका समर्थन मूल्य ( एम एस पी ) सरकार द्वारा घोषित है ,का  घोषित समर्थन मूल्य ( एम एस पी ) से कम पर  खरीद नहीं की जा सकती। उपज की नीलामी इससे कम पर प्रारम्भ  नहीं  होगी। मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक को हाईकोर्ट द्वारा अपने आदेश में 90 दिनों के अंदर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था।

  भारत कृषक समाज महाकौशल म.प्र. के अध्यक्ष इंजी.श्री  के के अग्रवाल ने बताया  कि कोर्ट के आदेश एवं बार बार आग्रह के बाद भी मंडी बोर्ड ने 3 साल तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं की, किसानों के  दबाव  के बाद उन्होंने आदेश के पालन हेतु कृषि उपज मंडियों को  फौरी  तौर पर एक पत्र लिखकर एक औपचारिकता निभाई व अपने  दायित्वों की  इतिश्री समझते हुए  आदेश के पालन के प्रति किसी ने कोई रुचि नहीं दिखाई । बालाघाट के अन्नदाता कृषक संगठन के श्री एम एम श्रीवास्तव की पहल व प्रयासों से हाई कोर्ट में दायर याचिका क्र. पी वी- 8944 / 2016 पर मान. उच्च  न्यायालय  द्वारा 20.02.2018 को पारित  आदेश के पालन हेतु शासन – प्रशासन स्तर पर हर संभव प्रयास  किए गए , भारत कृषक समाज एवं किसानों के अन्य कृषक संगठनों द्वारा प्रदेश के सभी जिला  कलेक्टरों , कृषि उपज  मंडियों  को पत्र लिखकर व अन्य माध्यमों से प्रयास  किए गए , परन्तु इस आदेश का पालन नही हुआ। सरकार ने भी कोई रुचि नही दिखाई । बड़े प्रयासों के बाद प्रदेश के 3, 4 जिला कलेक्टरों ने मंडियो को पत्र जरूर लिखे, परन्तु उसे मंडियो ने रद्दी की टोकरी में फेक दिया। अंततः किसानों  को पुनः न्यायालय   की शरण में जाकर अवमानना की अपील दायर करने मजबूर होना पड़ा।

 भारत कृषक समाज के सर्वश्री जे आर गायकवाड़, रूपेंद्र पटेल, सुभाष चंद्रा, एड. रामगोपाल पटेल, एड. रमेश पटेल, रामकिशन पटेल, विवेक पटेल जितेंद्र देसी, आदि ने कहा है  कि यह किसानों की बड़ी जीत भले ही न हो, परन्तु एम एस पी लड़ाई में यह एक बड़ा कदम है और  उच्च न्यायलय ने अन्नदाता के पक्ष में बड़ी कार्यवाही की है, जिससे किसानों में उम्मीद जगी है  कि अब उन्हें न्याय मिलेगा और औने  -पौने  दाम में उसे अपनी उपज बेचने मजबूर नही होना पड़ेगा । ज्ञात हो की एम एस पी की मांग को लेकर देश के किसान  संघर्षरत हैं , जबकि  मंडी अधिनियम की धारा 36 (3) में एम एस पी पर खरीद की गारंटी का प्रावधान पूर्व से विद्यमान है ,परन्तु मंडियो ने इसे निजी स्वार्थो के चलते उजागर नहीं होने दिया। अब बस इसके मंडियो में लागू  किए  जाने की देर है। इसके लिए सभी किसान एक जुट होकर अपनी लड़ाई लड़ेंगे।

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