कांग्रेस ने पांढुर्ना को सूखाग्रस्त घोषित करने और भाजपा ने किसानों को राहत देने की मांग की
21 अक्टूबर 2026,
(उमेश खोड़े, कृषक जगत, पांढुर्ना): कांग्रेस ने पांढुर्ना को सूखाग्रस्त घोषित करने और भाजपा ने किसानों को राहत देने की मांग की – पांढुर्ना जिले में अल्प वर्षा से फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों की चिंता में शामिल होते हुए जहां कांग्रेस ने महाराष्ट्र की तर्ज़ पर पांढुर्ना जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग करते हुए राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन पूर्व सांसद श्री नकुल नाथ ने कलेक्टर पांढुर्ना को सौंपा , वहीं छिंदवाड़ा – पांढुर्ना क्षेत्र के सांसद श्री बंटी विवेक साहू ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को चिट्ठी लिखकर आरबीसी 6 -4.1 के आधार पर अल्प वर्षा से प्रभावित कपास फसल का सर्वे करवाकर किसानों को राहत प्रदान करने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने से पहले पूर्व सांसद श्री नकुल नाथ , संत जगनाड़े चौक से निकली किसान रैली में बैलगाड़ी पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे , जहां उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी पांढुर्ना का पांच सूत्रीय ज्ञापन कलेक्टर श्री नीरज वशिष्ठ को सौंपा , जिसमें पांढुर्ना जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने , किसानों का क़र्ज़ माफ़ करने ,किसानों के बिजली बिल माफ़ करने ,प्रभावित किसानों को तत्काल उचित मुआवजा दिलाने तथा पांढुर्ना जिले के सभी बीमित किसानों को फसल बीमा राशि प्रदान करने की मांग की गई। ज्ञापन से पूर्व श्री नकुल नाथ के अलावा सौसर के विधायक श्री विजय चौरे और पांढुर्ना विधायक श्री निलेश उईके ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष श्री जतन उईके, पूर्व प्रभारी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ,जिला प्रभारी गंगा प्रसाद तिवारी ,जिला किसान कांग्रेस प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री हरनाम सिंह सेंगर , ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
दूसरी ओर छिंदवाड़ा – पांढुर्ना क्षेत्र के सांसद श्री बंटी विवेक साहू ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को चिट्ठी लिखकर आरबीसी 6 -4.1 के आधार पर अल्प वर्षा से प्रभावित कपास फसल का सर्वे करवाकर किसानों को राहत प्रदान करने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि पांढुर्ना में इस वर्ष अल्प वर्षा की स्थिति है। कपास की खेती को अधिक वर्षा की आवश्यकता होती है, परन्तु इस वर्ष कपास की फसल खराब होने की कगार पर है। आरबीसी 6 -4.1 के आधार पर कपास फसल का सर्वे करवाकर किसानों को राहत प्रदान की जाए।
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