कृषि आधारित रोजगारपरक उद्योगों पर होगी कृषि कैबिनेट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
14 जनवरी 2026, भोपाल: कृषि आधारित रोजगारपरक उद्योगों पर होगी कृषि कैबिनेट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती-किसानी केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परम्पराओं और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। कृषि से ही हमारा पारम्परिक जीवन, लोक कलाएं और बहुरूपी मौखिक परम्पराएं विकसित हुई हैं। इसी भावभूमि पर प्रदेश में कृषि लोकरंग–2026 का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में कृषि आधारित रोजगारपरक उद्योगों के समावेशी विकास के लक्ष्य को लेकर विशेष कृषि कैबिनेट आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में कृषि लोकरंग–2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भोपाल सहित प्रदेश के सभी संभागों और अंचलों में कृषि लोकरंग–2026 को पूरी गरिमा, भव्यता और जनभागीदारी के साथ मनाया जाए। कृषि लोकरंग आगामी 26 से 30 जनवरी 2026 तक आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि लोकरंग का उद्देश्य ग्राम पंचायत और विकासखंड स्तर तक नागरिकों, युवाओं और विद्यार्थियों को खेती-किसानी से भावनात्मक रूप से जोड़ना है। इसके माध्यम से कृषि के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम ऐसे हों, जिनमें आमजन की सहज भागीदारी हो और आयोजन नीचे से ऊपर की ओर विकसित हों।
कृषि से जुड़े होंगे उत्सव और आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण, स्वाभिमान एवं पर्व कृषि ग्राम सभा जैसे आयोजन किए जाएंगे। इसके साथ ही कृषि से जुड़े उन्नत उपकरणों के क्रेता-विक्रेताओं का सम्मेलन, कृषि उत्सव और किसान मेले भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को सरकार की हर योजना का लाभ सुनिश्चित रूप से दिलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सफल किसानों के एग्री बिजनेस मॉडल अन्य किसानों के सामने प्रस्तुत किए जाएं, ताकि वे उनसे प्रेरणा लेकर अपनी आय बढ़ा सकें। खेती में नवाचार, विविधीकरण और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है।
कृषि लोकरंग को बनाया जाएगा जन-जन का उत्सव
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कृषि लोकरंग को जन-जन का उत्सव बनाने के लिए देशी वेशभूषा जैसे पगड़ी, धोती, साफा आदि को प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही पुराने देशज बीजों के संग्रह और संरक्षण से जुड़ी प्रतियोगिताएं, लखपति किसानों की प्रतियोगिता, अच्छी नर्सरी और बगीचों की प्रतियोगिता तथा साइकिल प्रतियोगिता जैसे नवाचार पूर्ण आयोजन भी किए जाएं।
उन्होंने कहा कि हमारी सहज परम्पराओं और धार्मिक अनुष्ठानों को भी कृषि से जुड़े विषयों से जोड़ा जाए, ताकि कृषि हमारी सामाजिक चेतना का हिस्सा बनी रहे।
कृषक कल्याण वर्ष 2026 का बनेगा आकर्षक लोगो
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक आकर्षक और प्रभावी लोगो तैयार किया जाए। सोयाबीन, मूंग, उड़द, मक्का सहित विभिन्न फसलों के सफल किसानों को बुलाकर उनकी सफलता की कहानियां अन्य किसानों के सामने प्रस्तुत की जाएं।
विविध सांस्कृतिक और सहभागितामूलक गतिविधियां होंगी आयोजित
बैठक में सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री निशांत वरवड़े ने बताया कि कृषि लोकरंग–2026 के दौरान पारम्परिक ग्रामीण खेल, खेत-खलिहान पर केन्द्रित गतिविधियां, फसल, मौसम और ऋतुओं पर आधारित लोकगीत, कृषि के देशज ज्ञान पर आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रदेशभर से चयनित बड़े और नवप्रयोगधर्मी किसानों का मुख्यमंत्री से सीधा संवाद होगा। इसके साथ ही ओपन माइक सत्र और ‘मेरा किसान, मेरा अभिमान’ जैसे कार्यक्रमों में किसानों के बच्चे मंच से बताएंगे कि किसान देश की शान क्यों हैं।
कृषि लोकरंग के आयोजन में संस्कृति विभाग अंतर्गत वीर भारत न्यास भी सहभागिता करेगा और कृषि को सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाने का लोक संयोजन किया जाएगा।
बैठक में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, मुख्यमंत्री के सचिव श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्री श्रीराम तिवारी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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