नरवाई जलाने से रोकने के लिए विशेष उपाय करें

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07 नवम्बर 2020, होशंगाबाद। नरवाई जलाने से रोकने के लिए विशेष उपाय करें – नरवाई जलाने के रोकथाम हेतु होशंगाबाद संभाग में पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी बेहतर प्रयास एवं प्रबंधन किए जाएं। साथ ही किसान भाईयों को जागरूक करने हेतु विशेष अभियान चलाएं। यह बात कमिश्नर नर्मदापुरम् श्री रजनीश श्रीवास्तव ने नरवाई जलाने से रोकने हेतु कार्यशाला में कही। इस अवसर पर कलेक्टर होशंगाबाद श्री धनंजय सिंह, कलेक्टर बैतूल श्री राकेश सिंह, कलेक्टर हरदा श्री संजय गुप्ता, उप संचालक कृषि जितेंद्र सिंह, एसई एमपीईबी श्री बीएस परिहार एवं मुख्य अभियंता श्री राकेश अग्रवाल सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने होशंगाबाद जिले में नरवाई जलाने से रोकने हेतु प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने तीनों जिले में नरवाई में आग लगाने की घटनाओं को नियंत्रित करने एवं जागरूकता हेतु आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए।

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फसल अवशेष प्रबंधन में कृषि उपकरणों का उपयोग

कार्यशाला में उप संचालक कृषि जितेंद्र सिंह ने फसल अवशेष प्रबंधन में कृषि उपकरणों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कंबाइन हार्वेस्टर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम(एसएमएस) मशीन के बारे में बताया कि यह मशीन भूसे को बारीक काटकर हार्वेस्टर के पीछे खेतों में फैला देती है। एसएमएस द्वारा कटाई की गई खेतों में हैप्पी सीडर द्वारा सीधे बोनी की जा सकती है, यह मशीन भूसे के बिखराव के कारण मृदा की नमी संरक्षण में भी उपयोगी है। उन्होंने बताया कि स्ट्रारीपर भूसा कटाई यंत्र से कंबाइन हार्वेस्टर द्वारा गेहूं की कटाई उपरांत खेतों में ही भूसा बनाकर ट्रॉली में संग्रहित किया जा सकता है। हैप्पी सीडर यंत्र द्वारा कंबाइन हार्वेस्टर से अधिक ऊंचाई पर फसल की कटाई उपरांत तत्काल बिना जुताई अगली फसल की बुवाई की जा सकती है। यह यंत्र खरीफ धान के अवशिष्टों की मल्चिंग कर मृदा सुधार करने में भी सहायक है। जीरो टिलेज सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल उपकरण खरीफ फसल कटाई के तत्काल पश्चात बिना जुताई के रबी फसलों की बोनी में उपयोगी है। उपकरण में उर्वरक तथा बीज हेतु अलग-अलग व्यवस्था की गई है। उन्होंने बेलर यंत्र के बारे में बताया कि यह यंत्र ट्रैक्टर चलित उपकरण है जो कि फसल अवशेषों का व्यवस्थापन कर बंडलों में तैयार करता है। अवशेष बंडल का उपयोग पशु आहार, ईधन, पैकिंग कार्य तथा अन्य औद्योगिक उपयोग में किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि किसान भाई कृषि यंत्रों के माध्यम से अपनी फसलों के अवशेषों का बेहतर तरह से प्रबंधन कर सकते है।

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