अतिवृृष्टि से हुए फसल खराबे का प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलवाने की कार्यवाही करें – कृषि मंत्री

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कृृषि विभाग के प्रारंभिक सर्वे के अनुसार राज्य में 3 लाख 69 हजार हेक्टेयर में फसल प्रभावित

10 अगस्त 2021, जयपुर अतिवृष्टि से हुए फसल खराबे का प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलवाने की कार्यवाही करें – कृषि मंत्री 
कृृषि मंत्री श्री लालचन्द कटारिया ने प्रदेश में अतिवृृष्टि से खराब हुई फसलों का सर्वे कर प्रभावित किसानों को
  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिलवाकर राहत प्रदान करने के लिए कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

कृृषि विभाग की प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार राज्य में अब तक 3 लाख 69 हजार 174 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल  प्रभावित होना आंका गया है। कृृषि मंत्री श्री लालचन्द कटारिया ने प्रदेश में अतिवृृष्टि से खराब हुई फसलों का सर्वे कर प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिलवाकर राहत प्रदान करने के लिए कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

कृृषि विभाग की प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार राज्य में अब तक 3 लाख 69 हजार 174 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल
प्रभावित होना आंका गया है।

कृृषि मंत्री श्री कटारिया ने बताया कि गत दिनों से हो रही भारी बारिश से हाड़ौती अंचल एवं सवाई माधोपुर जिले में
फसलों को काफी नुकसान हुआ है। विभाग की ओर से कराए गए प्रारंभिक सर्वे के मुताबिक कोटा, बारां एवं बूंदी जिलों
में सोयाबीन एवं उड़द तथा सवाई माधोपुर जिले में बाजरा एवं उड़द की फसल में ज्यादा नुकसान हुआ है।

राज्य में  सोयाबीन 1 लाख 60 हजार 264 हेक्टेयर एवं उड़द 98 हजार 660 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार कोटा जिले में 1 लाख 3 हजार 257 हेक्टेयर, बूंदी में 99 हजार 26 हेक्टेयर एवं बारां में 76
हजार 199 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों को क्षति हुई है। इसी प्रकार सवाई माधोपुर जिले में 23 हजार 60 हेक्टेयर
में बाजरा एवं 18 हजार 47 हेक्टेयर में उड़द सहित 61 हजार 387 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान हुआ है।

श्री कटारिया ने बताया कि जयपुर, सीकर, नागौर, करौली, झालावाड़, अलवर, टोंक, एवं भरतपुर जिलों में भी कहीं-
कहीं ज्यादा बारिश होने से फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि जयपुर जिले की सांगानेर, फागी, चाकसू एवं
कोटखावदा तहसीलों में 2 हजार 920 हेक्टेयर, सीकर जिले की दांतारामगढ़ तहसील में 3 हजार 992 हेक्टेयर तथा
नागौर जिले की कुचामन सिटी एवं नावां तहसीलों में 7 हजार 357 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

इसी तरह करौली जिले में 9 हजार 664, टोंक में 4 हजार 140, भरतपुर की डीग तहसील में 764, झालावाड़ जिले की मनोहरथाना,
रायपुर एवं खानपुर तहसीलों में 398 तथा अलवर जिले की कोटकासिम तहसील में 70 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित
हुई है। इस प्रकार अब तक की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 3 लाख 69 हजार 174 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल नुकसान
होना पाया गया है।

श्री कटारिया ने बताया कि जयपुर, सीकर, नागौर, करौली, झालावाड़, अलवर, टोंक, एवं भरतपुर जिलों में भी कहीं-
कहीं ज्यादा बारिश होने से फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि जयपुर जिले की सांगानेर, फागी, चाकसू एवं
कोटखावदा तहसीलों में 2 हजार 920 हेक्टेयर, सीकर जिले की दांतारामगढ़ तहसील में 3 हजार 992 हेक्टेयर तथा
नागौर जिले की कुचामन सिटी एवं नावां तहसीलों में 7 हजार 357 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

इसी तरह करौली जिले में 9 हजार 664, टोंक में 4 हजार 140, भरतपुर की डीग तहसील में 764, झालावाड़ जिले की मनोहरथाना,
रायपुर एवं खानपुर तहसीलों में 398 तथा अलवर जिले की कोटकासिम तहसील में 70 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित
हुई है। इस प्रकार अब तक की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 3 लाख 69 हजार 174 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल नुकसान
होना पाया गया है।

कृृषि मंत्री श्री कटारिया ने अधिकारियों को प्रभावित काश्तकारों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नियमानुसार
मुआवजा दिलवाने की कार्यवाही प्रारंभ करवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को राहत दी जा सके। उन्होंने कहा कि
कोई भी पात्र काश्तकार फसल बीमा मुआवजे से वंचित नहीं रहना चाहिए।कृृषि मंत्री श्री कटारिया ने अधिकारियों को प्रभावित काश्तकारों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नियमानुसार मुआवजा दिलवाने की कार्यवाही प्रारंभ करवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को राहत दी जा सके। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र काश्तकार फसल बीमा मुआवजे से वंचित नहीं रहना चाहिए।

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