राज्य कृषि समाचार (State News)

मन्दसौर में पर्याप्त यूरिया का स्टॉक

गरोठ रैक से मिला यूरिया

मन्दसौर में पर्याप्त यूरिया का स्टॉक

Advertisements
Advertisement
Advertisement

15 दिसंबर 2021, मन्दसौर । मन्दसौर में पर्याप्त यूरिया का स्टॉक जिले के एकमात्र रैक पाईन्ट गरोठ पर चम्बल फर्टिलाईजर कम्पनी की रैक लग जाने से जिले को यूरिया की आपूर्ति हुई है। जिले के उपसंचालक कृषि डॉ. आनंद बड़ोनिया ने बताया इस रैक से सहकारी समिति दसौरिया में 27, बिसनिया में 25.200, तरनोद में 25.200, खजूरी पंथ में 27, चन्दवासा में 27, सांजलपुर में 18, संधारा में 35.100, लोटखेड़ी में 18, खजुरिया में 30.150, दाउतखेड़ी में 17.100, बोरदा में 17.100, शामगढ़ में 30.150, बघुनिया में 27, सुवासरा में 25.200, मेलखेड़ी में 30.150, बोलिया में 30.15, खाईखेड़ा में 50.400, अजयपुर में 30.150, असावती में 27, गुराडिया विजय में 25.200, लसुडिया में 25.200, गुराडिया नरसिंह में 25.200, भेंसोदा में 27.00, बरखेड़ा नायक में 27, दसोरिया में 10.125, अमरा बर्डिया में 16.875 एवं टकरावद में 27 मेट्रिक टन यूरिया खाद उपलब्ध कराया गया है। साथ ही सहकारी समिति पहेड़ा में 34 , साखतली में 30, टकरावद में 25, मल्हारगढ़ में 25, बरखेड़ा देवडुंगरी में 24, गुराडिय़ा विजय में 23, बरखेड़ा नायक में 23, खजुरी पंथ में 23, बर्डिया इस्तमुरार में 22, बर्डिया अमरा में 22, तरनोद में 21, नन्दावता में 18, सूंठी में 18, खजुरी गौड में 18, खजूरी नाग में 18, देवरी में 18, बाबुल्दा में 17, भैंसोदा में 15, कनघट्टी में 15, धुंधडक़ा में 14, धुंआखेडी में 12, निम्बोद में 10, पानपुर में 10, बरखेड़ा गंगासा में 9, साताखेड़ी में 8, अजयपुर में 7, संधारा में 7, संजित में 7, नीमथुर में 6, बुढ़ा में 6, बोरदा में 5, सीतामऊ में 4, रूनीजा में 4 मेट्रिक टन यूरिया खाद उपलब्ध हैं।

उपरोक्त जानकारी उन समितियों की है जहां उर्वरक 80 बोरी से ज्यादा मात्रा में उपलब्ध हैं। उन समितियों में जहां उर्वरक कम हो रहा हैं लगातार प्राप्त हो रही रैक से उर्वरक आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। जिले की आगामी यूरिया आवश्यकता की पूर्ति हेतु नीमच रैक पाईन्ट पर एनएफएल कम्पनी की यूरिया रैक से जिससे जिन केन्द्रों पर यूरिया की कमी होगी वहां यूरिया की पूर्ति की जा रही है।

कलेक्टर श्री गौतम सिंह के निर्देश पर प्रत्येक उर्वरक विक्रय केन्द्र पर कृषकों को आसानी से उर्वरक प्राप्त हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है तथा यूरिया उर्वरक की कमी वाले केन्द्रों में प्राथमिकता से यूरिया की आपूर्ति की जा रही है ।

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement