अमानक फफूंदनाशक से चना और मसूर की फसल हुई खराब
श्रीकर बायोटेक कम्पनी और विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज़
07 फरवरी 2026, शिवपुरी: अमानक फफूंदनाशक से चना और मसूर की फसल हुई खराब – अमानक कृषि आदानों से फसलों के खराब होने की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ऐसा ही एक मामला गत दिनों शिवपुरी जिले के खतौरा का सामने आया, जहां आसपास के 10 गांवों के किसानों द्वारा अमानक फफूंदनाशक का चना और मसूर की फसल में प्रयोग करने पर पत्ते जलने के साथ ही फसल काली पड़ गई । किसानों ने इस मामले की शिकायत जन सुनवाई में भी थी। शिकायत के बाद उप संचालक , कृषि , शिवपुरी द्वारा जिला स्तरीय जांच दल गठित किया गया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित विक्रेता एवं श्रीकर बायोटेक कम्पनी के खिलाफ थाना इंदार में एफआईआर दर्ज़ की गई। दूसरी तरफ श्रीकर बायोटेक कम्पनी ने किसानों को मुआवजा देने से इंकार किया है।
उल्लेखनीय है कि शिवपुरी जिले के ग्राम खतौरा ,एडवारा,विजरौनी आदि 10 गांवों के किसानों ने अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र खतौरा से श्रीकर बायोटेक प्रा लि का फफूंदनाशक उत्पाद कलिंगा खरीदा था , जिसका किसानों ने चना और मसूर की फसलों पर छिड़काव किया तो पत्तियां जल गई और पौधे सूख गए। इससे क्षेत्र की बड़े रकबे की फसल प्रभावित हुई । कलेक्टर की जन सुनवाई में पीड़ित किसानों श्री शैलेन्द्र यादव, श्री दिनेश लोधी एवं अन्य निवासी एडवारा एवं कार्तिक पिता जगमोहन सिंह यादव, जगमोहन पिता बहादुरसिंह यादव निवासी विजरौनी ने अपनी शिकायत में कहा कि अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र , खतौरा से चना -मसूर फसल के लिए कलिंगा नामक दवाई ली थी , जिसके प्रयोग से उनकी फसल नष्ट हो गई। शिकायत के बाद उप संचालक , कृषि , शिवपुरी द्वारा जिला स्तरीय जांच दल गठित किया गया। जांच दल ने सामूहिक मौके पर जाकर निरीक्षण किया , जिसमें पाया कि श्रीकर बायोटेक प्रा लि के उत्पाद कलिंगा (केप्टान 70 % हेक्जाकोनाज़ोल 5 % डब्ल्यू पी ) से चना फसल की पत्तियां एवं कुछ पौधे जले हुए पाए गए।
श्रीकर बायोटेक प्रा लि के मप्र प्रभारी ,जोनल मैनेजर रामवीरसिंह यादव, शिवपुरी प्रभारी श्री मनोज जैन और विक्रेता अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र , खतौरा के दुकानदार मनोज जैन ने किसानों के साथ छलकर उक्त खराब कीटनाशक का विक्रय कर धोखाधड़ी की है। प्रस्तुत प्रतिवेदन में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि यह नुकसान फफूंदनाशक दवाई के छिड़काव से हुआ है। इस कलिंगा दवाई को लेकर कई किसानों की शिकायतें प्राप्त हुई । उक्त प्रकरण में कृषि विभाग द्वारा कलिंगा फफूंदनाशक का नमूना जब्त कर पूर्व में ही जांच के लिए प्रयोगशाला भेज कर दुकान को सील कर दिया था।
पीड़ित किसानों की सूची,मौका पंचनामा ,जांच प्रतिवेदन , जन सुनवाई के आवेदन एवं तथ्यों के आधार पर श्री के कोली, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं कीटनाशक निरीक्षक, बदरवास के आवेदन पर 22 जनवरी 2026 को थाना इंदार में श्रीकर बायोटेक प्रा लि के मप्र प्रभारी ,जोनल मैनेजर रामवीरसिंह यादव, शिवपुरी प्रभारी मनोज जैन और विक्रेता अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र , खतौरा के संचालक मनोज जैन के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4 ), 61 (2 ) एवं कीटनाशक अधिनियम 1968 की धारा 29 के तहत मामला दर्ज़ किया गया।
संबंधितों के कथन –
श्री पान सिंह करोरिया ,उप संचालक कृषि , शिवपुरी ने कृषक जगत को बताया कि उक्त प्रकरण में श्रीकर बायोटेक कम्पनी और विक्रेता अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र , खतौरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ करा दी गई है।
श्री के कोली ,वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, बदरवास ने कृषक जगत को बताया कि क्षेत्र के करीब 150 बीघा अर्थात 30 हेक्टेयर रकबे की फसल प्रभावित हुई।10 गांवों में से हर गांव से एक -दो किसान की चना / मसूर फसल की पत्तियां फफूंदनाशक के छिड़काव से जल गई। हालांकि अब फसल में फ्रूटिंग भी होने लगी है। अभी एसआईआर कार्य में व्यस्त हैं। एक -दो दिन में पुनः फसलों का सर्वे किया जाएगा।
अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र , खतौरा के संचालक श्री मनोज जैन ने कृषक जगत को बताया कि हम विक्रेता हैं, निर्माता नहीं। फफूंदनाशक से कुछ गांवों के किसानों की फसल प्रभावित हुई है, लेकिन उसमें भी अब सुधार हो रहा है। किसानों की हर समस्या में हम उनके साथ हैं।
श्री रामवीर सिंह यादव , ज़ोनल मैनेजर ,श्रीकर बायोटेक प्रा लि ने कृषक जगत को बताया कि उसी बैच का फफूंदनाशक छिंदवाड़ा , नीमच ,गुना और खरगोन भी भेजा गया था , लेकिन वहां से कोई शिकायत नहीं आई। हमारे प्रोडक्ट में कोई कमी नहीं है । सैम्पल की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है । फसल खराब होने में स्थानीय क्लाइमेट, डोज़ की मात्रा और डालने की प्रक्रिया भी कारण हो सकते हैं। ऐसे में मुआवजा देने की बात बेमानी है।
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