राज्य कृषि समाचार (State News)किसानों की सफलता की कहानी (Farmer Success Story)

स्ट्रॉबेरी फल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम ने बदली किसान बाबूलाल की किस्मत

01 अक्टूबर 2024, इंदौर: स्ट्रॉबेरी फल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम ने बदली किसान बाबूलाल की किस्मत – एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत फल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम अंतर्गत स्ट्रॉबेरी की फसल ने ग्राम तिलगारा बदनावर के किसान श्री बाबूलाल पाटीदार की किस्मत बदलने का काम किया है। पारंपरिक खेती जिसमें सोयाबीन और गेहूं की फसल के मुकाबले स्ट्रॉबेरी ने तीन गुना लाभ दिलाया है, जिससे किसान और उनके परिवार के चेहरों पर खुशी की मुस्कान छा गई है।

एकीकृत बागवानी विकास मिशन अन्तर्गत स्ट्रॉबेरी की फसल फल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम का लाभ लेने की जानकारी उद्यानिकी विभाग के मैदानी अमले ने कृषक श्री बाबूलाल को बताई। श्री पाटीदार ने  विभागीय अमले द्वारा प्रदान किये गए तकनीकी मार्गदर्शन का पूरा लाभ लिया तथा अपने एक हेक्टेयर क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की फसल लगाई। उन्होंने मल्चिंग तथा डीप पद्धति का उपयोग करते हुए फसल ली। फसल की समय-समय पर देखभाल, मार्गदर्शन अनुसार खाद और दवाओं का उपयोग किया। जिससे उन्होंने 180 क्विंटल स्ट्रॉबेरी  का उत्पादन लिया । फसल उत्पादन में खाद, पौधा, दवा, निंदाई,  गुड़ाई , मल्चिंग आदि पर करीब दो लाख 25 हजार रु  खर्च हुए। स्ट्रॉबेरी की फसल  बेचने पर  दो लाख से अधिक की शुद्ध आय प्राप्त हुई।

 श्री बाबूलाल पाटीदार एवं उनके पुत्र श्री बलराम पाटीदार ने बताया  कि स्ट्रॉबेरी के फसल को हमने जयपुर, भोपाल, इंदौर मंडी में  बेचा । कई खरीदार तो हमारे खेत से ही स्ट्रॉबेरी ले गए थे। उन्होंने बताया पहली बार तो पौधों खरीदकर लाए थे, लेकिन इस वर्ष तो मदर प्लांट से पौधे तैयार किये है।  पूर्व में इसी जमीन से सोयाबीन और गेहूं की फसल से करीब सवा लाख रुपये की कमाई कर पाते थे। स्ट्रॉबेरी फल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम से अधिक लाभ मिला है। श्री पाटीदार ने  बताया कि  पारंपरिक खेती के बजाय वैज्ञानिक पद्धति के माध्यम से फसल लेकर कृषि उपज से अधिक लाभ कमाया जा सकता है।  योजना अंतर्गत उन्हें 1 लाख 12 हजार रुपये का अनुदान मिला, जो कृषि कार्य में सहायक सिद्ध हुआ। उन्होंने योजना का लाभ मिलने तथा कृषि से इतनी अच्छी आय होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि संभागायुक्त श्री दीपक सिंह के निर्देशानुसार संभाग के समस्त जिलों में आधुनिक कृषि को अधिक से अधिक कृषक अपनाने के लिए कृषकों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ-साथ योजनाओं के महत्व की जानकारी दी जा रही है। संयुक्त संचालक उद्यान इंदौर संभाग श्री डीआर जाटव के मार्गदर्शन में विभागीय अमला भी लगातार विशेष प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि कृषक उन्नत उद्यानिकी फसलों, योजनाओं की जानकारी हेतु उद्यानिकी विभाग के जिला अथवा विकास खंड कार्यालय पर संपर्क कर सकते  हैं ।

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फल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत योजना  की जानकारी  –   एकीकृत बागवानी विकास मिशन अंतर्गत फल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पंजीयन MPFSTS पोर्टल के माध्यम से  https://mpfsts.mp.gov.in पर पंजीयन कराये जाने के उपरांत संचालनालय उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण म.प्र. भोपाल द्वारा लॉटरी के माध्यम से चयनित कर लाभान्वित किया जाता है, जिसमें निम्नानुसार दस्तावेज आवश्यक होते है। आवेदक को एक पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, आवेदन की जमीन के खसरा, खतौनी की नकल की छायाप्रति, जाति प्रमाण पत्र (अजा एवं अजजा वर्ग हेतु), बायोमेट्रिक अथवा Nitgen एवं Morpho Device के माध्यम से जिसमें बैंक खाता और मोबाईल नम्बर के साथ आवश्यक होता है। ऑनलाइन पंजीयन के पश्चात लॉटरी में चयनित कृषकों का संबंधित विकासखंड अधिकारी द्वारा ऑनलाईन अपलोड दस्तावेजों को सत्यापित कर अग्रेषित किया जाता है। तदोपरांत जिले संबंधित कृषकों को कार्य करने हेतु ऑनलाइन आशय पत्र, कार्यादेश जारी किये जाते है। योजना अंतर्गत अनुदान प्रावधान एवं पात्रता इस प्रकार है। योजना का लाभ लेने के लिए एक लाख 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर पौध जीवितता प्रतिशत के आधार पर तीन वर्ष में 60 अनुपात 20 अनुपात 20 में देय सभी कृषकों के लिए लघु/सीमांत/ बड़े  (अ.जा./अजजा/सामान्य) अधिकतम 4 हेक्टेयर तक लाभ दिया जा सकता है।

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