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राज्य कृषि समाचार (State News)

पॉलीहाउस से शुरू की खेती, अब 16 हजार वर्गमीटर में सब्जी पौध का कारोबार; 3 करोड़ तक पहुंचा टर्नओवर  

30 सितंबर 2026, भोपाल: पॉलीहाउस से शुरू की खेती, अब 16 हजार वर्गमीटर में सब्जी पौध का कारोबार; 3 करोड़ तक पहुंचा टर्नओवर – मध्यप्रदेश के धार जिले के मनावर तहसील के ग्राम सिंघाना निवासी किसान अनिल मुकाती ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक उद्यानिकी और संरक्षित खेती को अपनाते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2017 में 4 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में पॉलीहाउस से शुरू हुआ उनका सफर आज लगभग 16 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में शेड नेट हाउस और पॉलीहाउस तक पहुंच चुका है। कभी खीरे की फसल से करीब 9 लाख रुपए का शुद्ध मुनाफा कमाने वाले अनिल मुकाती अब हर साल लगभग 2 करोड़ सब्जी पौध तैयार कर उनकी बिक्री कर रहे हैं। इससे उनका वार्षिक टर्नओवर लगभग 2.5 से 3 करोड़ रुपए और शुद्ध मुनाफा करीब 25 से 30 लाख रुपए तक पहुंच गया है।

4 हजार वर्गमीटर के पॉलीहाउस से हुई शुरुआत

अनिल मुकाती हमेशा से खेती में नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और आय बढ़ाने के इच्छुक रहे। इसी सोच के साथ उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और सहयोग से संरक्षित खेती अपनाने का निर्णय लिया। वर्ष 2017 में MIDH योजना के अंतर्गत उन्होंने 4 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में पॉलीहाउस का निर्माण कराया। इसके लिए उन्हें उद्यानिकी विभाग की ओर से 16 लाख 88 हजार रुपए का अनुदान मिला। विभाग से मिले तकनीकी मार्गदर्शन और योजना के सहयोग से उन्होंने पॉलीहाउस में वैज्ञानिक पद्धति से खेती शुरू की। यह निर्णय आगे चलकर उनके लिए आर्थिक बदलाव की मजबूत नींव साबित हुआ।

खीरे की फसल से कमाए 9 लाख रुपए

पॉलीहाउस में अनिल मुकाती ने शुरुआती वर्ष में खीरे की फसल लगाई। संरक्षित वातावरण में फसल का बेहतर प्रबंधन करते हुए उन्हें करीब 70 टन खीरे का उत्पादन मिला। इससे उन्हें लगभग 9 लाख रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ। पहली ही फसल से मिली सफलता ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्हें अनुभव हुआ कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से सीमित क्षेत्र में भी बेहतर उत्पादन और आय प्राप्त की जा सकती है। इसके बाद उन्होंने खेती को केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रखते हुए नए अवसर तलाशने शुरू किए।

मुनाफे से शुरू किया सब्जी पौध का कारोबार

पहली फसल से मिले करीब 9 लाख रुपए के लाभ को उन्होंने व्यक्तिगत उपयोग में खर्च करने के बजाय अपने व्यवसाय के विस्तार में लगाया। इसी राशि का उपयोग कर उन्होंने पॉलीहाउस में सब्जियों की नर्सरी और पौध तैयार करने का काम शुरू किया। धीरे-धीरे सब्जी पौध की मांग बढ़ी और उन्होंने गुणवत्तापूर्ण पौध उत्पादन को अपने व्यवसाय का मुख्य आधार बना लिया। नर्सरी प्रबंधन, पौध उत्पादन, सिंचाई, पोषण प्रबंधन और पौधों की देखभाल की तकनीकों में लगातार सुधार करते हुए इस काम को व्यवस्थित व्यवसाय का रूप दिया।

4 हजार से 16 हजार वर्गमीटर तक पहुंचा कारोबार

शुरुआत में 4 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में स्थापित पॉलीहाउस से शुरू हुई गतिविधि आज लगभग 16 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में शेड नेट हाउस और पॉलीहाउस संरचनाओं तक पहुंच गई है। इन संरक्षित संरचनाओं में विभिन्न प्रकार की सब्जियों की गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार की जाती है। संरक्षित वातावरण में पौध उत्पादन से पौध की गुणवत्ता, एकरूपता और समय पर उपलब्धता पर बेहतर नियंत्रण संभव हो पाता है। बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए अनिल मुकाती विभिन्न सब्जियों की पौध तैयार कर रहे हैं।

हर साल 2 करोड़ सब्जी पौध की बिक्री

आज अनिल मुकाती के व्यवसाय का विस्तार इस स्तर तक पहुंच चुका है कि वे हर साल लगभग 2 करोड़ सब्जी पौध की बिक्री करते हैं। पौध उत्पादन के इस व्यवसाय से उनका वार्षिक टर्नओवर करीब 2.5 से 3 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जबकि शुद्ध मुनाफा लगभग 25 से 30 लाख रुपए प्रतिवर्ष है। उनकी सफलता यह दिखाती है कि खेती को केवल पारंपरिक तरीके से करने के बजाय तकनीक, बाजार की मांग और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार नई गतिविधियों से जोड़कर कृषि क्षेत्र में आय के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने का संदेश

अनिल मुकाती अपने अनुभव के आधार पर किसानों से कहते हैं कि वर्तमान समय में पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी और संरक्षित खेती जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर भी विचार करना चाहिए। पॉलीहाउस, शेड नेट हाउस और वैज्ञानिक नर्सरी प्रबंधन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के साथ पौध व्यवसाय की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। उन्होंने किसानों से कहा कि अपनी स्थानीय जलवायु, बाजार की मांग और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार गतिविधि का चयन करें। साथ ही शासकीय योजनाओं का लाभ लेने से पहले संबंधित विभाग से तकनीकी जानकारी और मार्गदर्शन जरूर प्राप्त करें।

शासन और उद्यानिकी विभाग का जताया आभार

अपनी सफलता के लिए अनिल मुकाती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उद्यानिकी विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजना, विभागीय सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन से उन्हें संरक्षित खेती अपनाने और अपने व्यवसाय को लगातार विस्तार देने का अवसर मिला। वर्ष 2017 में 4 हजार वर्गमीटर के पॉलीहाउस से शुरू हुई उनकी यह यात्रा आज 16 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में सब्जी पौध उत्पादन के व्यवस्थित व्यवसाय में बदल चुकी है। अनिल मुकाती की सफलता तकनीक, मेहनत और सही समय पर लिए गए निर्णयों के माध्यम से खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदलने की मिसाल बनकर सामने आई है।

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