सिवनी: धान की डीएसआर तकनीक पर प्रशिक्षण आयोजित
12 जून 2026, सिवनी: सिवनी: धान की डीएसआर तकनीक पर प्रशिक्षण आयोजित – किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, सिवनी के दर्पण सभागार में धान की सीधी बुवाई (डायरेक्ट सीडेड राइस-डीएसआर) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डब्ल्यूआरआई नई दिल्ली, आत्मा परियोजना एवं कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. शेखर सिंह बघेल ने बताया कि डीएसआर तकनीक धान उत्पादन की एक आधुनिक एवं प्रभावी पद्धति है, जिससे खेती की लागत कम होती है, जल संरक्षण होता है तथा समय और श्रम की बचत होती है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक में धान की बुवाई सीड ड्रिल या सुपर सीडर मशीन के माध्यम से कतारों में की जाती है, जिससे कम बीज दर में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। नई दिल्ली से आईं डीएसआर विषय विशेषज्ञ डॉ. शिवांगी अरविंद ने पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से किसानों को डीएसआर आधारित टिकाऊ धान उत्पादन प्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गेहूं कटाई के बाद डी-कंपोजर के उपयोग से फसल अवशेषों को जैविक कार्बन में परिवर्तित किया जा सकता है तथा लेजर लैंड लेवलर द्वारा भूमि समतलीकरण से जल उपयोग दक्षता बढ़ती है।
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी कि प्रति एकड़ 10 से 12 किलोग्राम बीज का उपयोग करें, बीज उपचार ट्राइकोडर्मा अथवा कार्बेन्डाजिम से करें तथा मानसून आगमन से पूर्व जून के अंतिम सप्ताह तक बुवाई पूर्ण कर लें। कतार से कतार की दूरी 20 से 22.5 सेंटीमीटर तथा बीज की गहराई 2.5 से 3 सेंटीमीटर रखने की अनुशंसा की गई। प्रशिक्षण में उर्वरक एवं जल प्रबंधन पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार डीएसआर तकनीक अपनाकर किसान कम पानी और कम लागत में अधिक उत्पादन एवं बेहतर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री सुधीर धुर्वे, आत्मा परियोजना के श्री नितिन गनबीर, कृषि अभियांत्रिकी विभाग की श्रीमती शायला नाज कुरैशी, श्री जी.एस. धुर्वे, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह ठाकुर, डॉ. जी.के. राणा एवं डॉ. के.पी.एस. सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान श्री शिवराम सनोडिया सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष कृषकों तथा कृषि विभाग के मैदानी अमले ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जी.के. राणा ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. शेखर सिंह बघेल द्वारा किया गया।
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