राज्य कृषि समाचार (State News)

रीवा : केज और बायोफ्लॉक में सफलतापूर्वक हो रहा मछली पालन

17 जनवरी 2026, रीवा: रीवा : केज और बायोफ्लॉक में सफलतापूर्वक हो रहा मछली पालन – मछलीपालक किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। बड़े जलाशयों में केज लगाकर सीमित क्षेत्र में बड़ी मात्रा में मछलियों का उत्पादन किया जा रहा है। इसी तरह बड़े जलाशयों में से पानी को पृथक करके बायोफ्लाक बनाकर भी कई किसान मछली का उत्पादन कर रहे हैं।

 इस संबंध में उप संचालक मछली पालन डा. अंजना सिंह ने बताया कि सीधी जिले के आदिवासी बहुल कुसमी विकासखंड के ग्राम देवरी में सिंचाई के लिए देवरी जलाशय बनाया गया है। इसमें मछलीपालक किसान 66 केज कल्चर और बायोफ्लॉक बनाकर आधुनिक तरीके से मछली पालन कर रहे हैं। गत दिवस सीधी जिले के भ्रमण के दौरान इसका निरीक्षण किया गया। किसानों को केज कल्चर और बायोफ्लॉक के विस्तार तथा कम अवधि में अच्छा उत्पादन देने वाली मछली की किस्मों की जानकारी दी गई।

उप संचालक ने बताया कि बड़े जलाशयों में निश्चित आकार के केज यानी पिंजरे लगाकर उनमें मछलियाँ पाली जाती हैं। सीमित क्षेत्र होने के कारण मछलियों का पोषण और देखरेख करने में सुविधा रहती है। केज में मछली पकड़ना भी बहुत आसान होता है। इसी तरह बड़े जलाशयों से बायोफ्लाक के माध्यम से पानी को पृथक करके उसमें भी मछलीपालन किया जाता है। सीधी जिले में कई जलाशयों में इसका उपयोग करके किसान मछलीपालन के माध्यम से अच्छा लाभ कमा रहे हैं।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement