बिहार के किसानों के लिए राहत, फसल नुकसान पर मिलेगा ₹22,500 प्रति हेक्टेयर तक अनुदान; 24 जून तक करें आवेदन
22 जून 2026, भोपाल: बिहार के किसानों के लिए राहत, फसल नुकसान पर मिलेगा ₹22,500 प्रति हेक्टेयर तक अनुदान; 24 जून तक करें आवेदन – बिहार में आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना-2026 के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे नुकसान की भरपाई कर दोबारा खेती की तैयारियां कर सकें। कृषि विभाग ने किसानों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है। आवेदन की अंतिम तिथि 24 जून 2026 निर्धारित की गई है।
प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को मिलेगा लाभ
कृषि विभाग के अनुसार, मई 2026 तक आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए चयनित 130 पंचायतों के किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना का लाभ मुख्य रूप से पूर्णिया, किशनगंज, मधुबनी और सुपौल जिलों के प्रभावित किसानों को मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें खेती के लिए फिर से तैयार करना और उनकी आजीविका को सुरक्षित रखना है।
फसल नुकसान के अनुसार मिलेगी सहायता राशि
योजना के तहत किसानों को फसल क्षति की प्रकृति और भूमि की स्थिति के आधार पर अलग-अलग दरों से अनुदान दिया जाएगा।
असिंचित (बारिश आधारित) फसल क्षेत्र के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
बहुवर्षीय फसल एवं गन्ना जैसी फसलों के नुकसान पर 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
हालांकि, यह अनुदान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि तक ही दिया जाएगा। सरकार ने न्यूनतम सहायता राशि भी तय की है। इसके तहत असिंचित क्षेत्र के लिए कम से कम 1,000 रुपये, सिंचित क्षेत्र के लिए 2,000 रुपये और बहुवर्षीय फसलों के लिए न्यूनतम 2,500 रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
रैयत और गैर-रैयत दोनों किसानों को मिलेगा लाभ
कृषि इनपुट अनुदान योजना की खास बात यह है कि इसका लाभ केवल भूमि स्वामी किसानों तक सीमित नहीं है। योजना के तहत रैयत (भूमि मालिक) और गैर-रैयत (बटाईदार या पट्टे पर खेती करने वाले) किसान भी आवेदन कर सकते हैं।
किसान परिवार में पति, पत्नी और अवयस्क बच्चों को शामिल माना जाएगा। आवेदन के समय परिवार और आधार से संबंधित जानकारी देना आवश्यक होगा।
गैर-रैयत किसानों के लिए विशेष व्यवस्था
जो किसान अपनी जमीन के बजाय किसी अन्य की भूमि पर खेती करते हैं, वे भी इस योजना के पात्र होंगे। इसके लिए उन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधि जैसे वार्ड सदस्य, मुखिया या सरपंच द्वारा सत्यापित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। इससे अधिक से अधिक प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
किसान बिहार कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और DBT Agriculture Bihar Portal के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय किसानों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते का विवरण और फसल नुकसान से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आवेदन की अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करें, ताकि सहायता राशि समय पर उनके खातों में पहुंच सके।
सहायता के लिए यहां करें संपर्क
यदि किसी किसान को आवेदन प्रक्रिया में परेशानी आती है या योजना से जुड़ी जानकारी चाहिए, तो वह किसान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क कर सकता है। इसके अलावा संबंधित जिले के कृषि पदाधिकारी से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
किसानों को मिलेगी आर्थिक राहत
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए यह योजना बड़ी राहत साबित हो सकती है। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच मिलने वाली यह सहायता किसानों को आर्थिक मजबूती देगी और उन्हें खेती के अगले चक्र के लिए तैयार करने में मदद करेगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रभावित किसानों को समय पर सहायता मिल सके और वे नुकसान से जल्द उबर सकें।
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